
6 साल की रेप पीड़िता को गोद में लेकर दर-दर की ठोकरें खाते रहे मां-बाप। फोटो सोर्स- Video Grab
Crime News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर (Ghazipur) जिले में गुरुवार रात हुई एक शर्मनाक घटना ने मानवता को झकझोर कर रख दिया। सरकारी तंत्र की लापरवाही के चलते 6 साल की दुष्कर्म पीड़िता को समय पर इलाज नहीं मिल सका। खून से लथपथ बच्ची को गोद में उठाए उसके माता-पिता दोपहर करीब 2 बजे से राजकीय मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर और थाने के बीच मदद के लिए ठोकरें खाते रहे, लेकिन कहीं भी तत्काल सहायता नहीं मिली।
कभी FIR दर्ज कराने के नाम पर उन्हें अस्पताल से थाने भेज दिया गया, तो कभी मेडिकल जांच के लिए ट्रॉमा सेंटर जाने को कहा गया। इस दौरान मासूम दर्द से तड़पती रही और जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते रहे। घंटों तक कोई सुनवाई न होने पर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और देर रात करीब 11 बजे जाकर बच्ची का उपचार शुरू किया जा सका।
दरअसल, गाजीपुर के एक गांव में गुरुवार की दोपहर रिश्तों और इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। यहां एक किशोर ने पड़ोस में रहने वाली 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद बच्ची लहूलुहान हालत में रोती हुई अपने घर पहुंची और परिजनों को आपबीती सुनाई। जिसके बाद बच्ची के माता-पिता उसे लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल पहुंचे।
बच्ची के पिता ने बताया, '' चिकित्सकों ने तत्काल इलाज शुरू करने के बजाय पहले FIR दर्ज कराने की बात कहकर उन्हें थाने भेज दिया। जिसके बाद वह बच्ची को लेकर महिला अस्पताल के पास में स्थित कोतवाली पहुंचे, लेकिन मामला नंदगंज थाने का होने के कारण उन्हें वहां से जाने के लिए कह दिया गया। इसके बाद वह तेज धूप में गोद में तड़पती बच्ची को लेकर वह नंदगंज थाने पहुंचे। जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में करीब 6 घंटे का समय लग गया।''
मासूम के माता-पिता FIR की कॉपी लेकर रात करीब 8 बजे दोबारा महिला अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सकों ने मेडिकल परीक्षण का हवाला देते हुए ट्रामा सेंटर भेज दिया। करीब 3 किलोमीटर दूर ट्रामा सेंटर पहुंचने पर वहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर बच्ची के माता-पिता को उन्हें फिर महिला अस्पताल लौटा दिया गया। लगातार चक्कर काटने से परेशान स्वजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने अस्पताल में ही धरने पर बैठकर हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना मिलने के बाद ASP ग्रामीण समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों को समझाते हुए बच्ची को तत्काल जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसके बाद रात करीब 11 बजे बच्ची का उपचार शुरू हो सका। मामले को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अतुल सोनकर का कहना है कि दुष्कर्म के संबंध में FIR दर्ज कर ली गई है। आरोपित भी नाबालिग है।
मामले को लेकर डॉक्टर एसके पांडेय, CMO का कहना है कि बच्ची का उपचार शुरू होने में देर की वजह से परिवार के लोग नाराज हुए। जिला अस्पताल की अव्यवस्था सुधारना जरूरी है। इलाज प्राथमिक है।
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Updated on:
28 Mar 2026 12:26 pm
Published on:
28 Mar 2026 12:26 pm
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