Mukhtar Ansari: माफिया मुख्तार अंसारी को आज कालीबाग कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान कब्रिस्तान के बाहर उनके समर्थकों की भारी हुजूम रहा। मिली खबर के मुताबिक जब मुख्तार को मिट्टी दी जा रही थी, उस समय उनके सांसद भाई अफजाल अंसारी फूट- फूटकर रोने लगे थे।
Mukhtar Ansari: माफिया मुख्तार अंसारी को आज कालीबाग कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। मुख्तार के जनाजे में शामिल होने के लिए काफी संख्या में उनके समर्थक पहुंचे, जिससे कब्रिस्तान के बाहर लोगों का भारी हुजूम देखने को मिला। लेकिन कब्रिस्तान के अंदर बाहर के लोगों को जाने की इजाजत नहीं मिली। सिर्फ परिवार वालों को ही कब्रिस्तान के अंदर जाने की इजाजत मिला थी।
वहीं, कासगंज जेल में बंद मुख्तार का बेटा अब्बास अपने पिता की अंतिम यात्रा में नहीं शामिल हो पाया। इस बीच खबर है कि अब्बास अंसारी ने पत्नी निकहत बानो से 5 मिनट तक फोन पर बात की। बताया जा रहा है कि पिता मुख्तार अंसारी की मौत के बाद पहली बार पत्नी से बात करते हुए अब्बास अंसारी रोने लगा। इस दौरान अब्बास अंसारी ने पत्नी से फोन पर पिता के जनाजे और उनको दफन किये जाने की पूरी जानकारी ली। इतना ही नहीं, जब मुख्तार अंसारी को मिट्टी दी जा रही थी, उस समय सांसद अफजाल अंसारी के रोने की खबर भी आई है।
रात भर रोता रहा अब्बास अंसारी
बताया जा रहा है कि अब्बास अंसारी पूरी रात फफक- फफक कर रोता रहा। सुबह वह अपनी बैरक में टहलता भी नजर आया। अब्बास अंसारी ने आज भी रोजा रखा है। बता दें कि वह जेल की बैरक में प्रति दिन किताबें पढ़कर अपना समय पास करता था, लेकिन कहा जा रहा है कि पिता मुख्तार अंसारी की मौत के बाद अब्बास अंसारी ने किताबें उठाकर भी नहीं देखी है। मुख्तार अंसारी के जनाजे में शामिल होने के लिए विधायक बेटे अब्बास अंसारी को पेरोल दिए जाने या फिर न्यायिक हिरासत में जनाजे में शामिल होने की इजाजत दिए जाने की अर्जी शुक्रवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट में नहीं दाखिल हो सकी थी। इसी वजह से अब्बास जनाजे में नहीं शामिल हो पाया।