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‘अखिलेश और राहुल दगे कारतूस, 2027 में मिलकर 27 सीट जीत जाएं तो बहुत है’, विपक्ष पर निशाना साधते हुए ओमप्रकाश राजभर

Omprakash Rajbhar statement: UP Politics News : कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि राजनीति में दो दगे कारतूस हैं, एक का नाम राहुल गांधी है और दूसरे का नाम अखिलेश यादव। उन्होंने कहा कि दोनों ने मिलकर 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ा था और 47 सीट पाई थी।
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Omprakash Rajbhar

ओमप्रकाश राजभर (फाइल फोटो- पत्रिका)

OP Rajbhar Statement on Opposition: गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद इलाके में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम में पहुंचे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दगे हुए कारतूस बताया है और उन्होंने दावा किया है कि 2027 के चुनाव में दोनों पार्टियों मिलकर 27 सीट भी नहीं जीत सकती। राजभर ने कहा है कि अखिलेश यादव की सरकार में प्रदेश में गुंडाराज, दंगे और अपराध चरम सीमा पर था।

प्रदेश में दंगों पर सपा को घेरने की कोशिश

ओमप्रकाश राजभर ने आरोप लगाते हुए कहा कि अखिलेश यादव सिर्फ शंकराचार्य ही नहीं बल्कि मौलाना के भी पैरों में पड़ना चाहते हैं, तो क्या सनातन इसी को कहा जाता है। अखिलेश यादव के शासनकाल में पूरे प्रदेश में गुंडाराज चरम पर था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके शासनकाल में मुजफ्फरनगर दंगे की आग में झुलस रहा था और अखिलेश यादव सैफई में बैठकर सैफई महोत्सव देख रहे थे। अखिलेश यादव ना तो सनातनी हैं और ना ही सनातन को समझते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव से सवाल पूछा है कि सपा के शासनकाल में अपराधी सड़कों पर असला लहराते हुए जाते थे, क्या इसे ही अखिलेश यादव समाजवाद समझते हैं।

ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन में प्रदेश में एक भी दंगा नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि मेरठ और बरेली में दंगा करने की कोशिश की गई थी, लेकिन कोई कामयाब नहीं हो सका। आज प्रदेश में जितने भी गैंग और अपराधी थे, वह खत्म होते जा रहे हैं। अपराधी या तो ऊपर हैं या जमीन के नीचे या फिर सलाखों के पीछे। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था का राज लाना इसे ही कहा जाता है, ना कि अखिलेश यादव के राज में कानून व्यवस्था का राज था। उन्होंने कहा है कि राजनीति में दो दगे कारतूस हैं, एक का नाम राहुल गांधी है और दूसरे का नाम अखिलेश यादव। उन्होंने कहा कि दोनों ने मिलकर 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ा था और 47 सीट पाई थी। फिलहाल, अब 2027 का विधानसभा चुनाव है और 27 सीट जीत जाए तो यह काफी होगा।

राम मंदिर पर विपक्ष कर रहा राजनीति

कैबिनेट मंत्री ने कहा है कि विपक्ष के पास अब कोई काम नहीं बचा है, इसीलिए जानबूझकर राम मंदिर के मामले को उछालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के अधीन है और ट्रस्ट ने सरकार से कहा था कि मामले की जांच कराई जाए, जिसमें सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ जांच कर रही है। सरकार ने एसआईटी का गठन किया और इसमें आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ट्रस्ट के लोगों ने भी बैठक करके कई लोगों का इस्तीफा लिया है और खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जो भी इस पूरे मामले में दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में विपक्ष के पास अब राजनीति करने को कुछ बचा नहीं है।