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Swami Prasad Maurya statement on lord Rama and Lord Hanuman : राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। एक बार फिर गाजीपुर की धरती से उन्होंने भगवान राम और बजरंगबली के लिए विवादित टिप्पणी की है, जिसको लेकर राजनीतिक गलियारों में विवाद उत्पन्न होने की संभावना बन गई है। एक तरफ उन्होंने बजरंगबली को एक छोटा सा बंदर करार दे दिया, तो दूसरी तरफ भगवान राम को लेकर भी उन्होंने विवादित बयान दिया है।
दरअसल, गाजीपुर में एक छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह में शामिल होने पहुंचे स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा है कि भगवान राम और हनुमान जी दोनों ही धरती पर ही पैदा हुए थे और ऐसे में जो धरती पर पैदा हुआ है, वह धरती पर ही रहेगा। वहीं, सूर्य पृथ्वी से 13 लाख गुना बड़ा है और पृथ्वी पर पैदा होने वाला एक छोटा सा और मामूली सा बंदर भगवान सूर्य को कैसे निगल सकता है? यह अज्ञानता है और इसी अज्ञानता को खत्म करने के लिए लोग पढ़ाई करते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति ने यह शोर मचा दिया कि हनुमान जी ने सूर्य को निगल लिया, उसके बाद लोग इस बात को मानने लगे कि सही में भगवान सूर्य को हनुमान जी ने निगल लिया होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि सूर्य की किरणें जब पृथ्वी पर आती हैं, तो लोग पसीने से भीग जाते हैं और छिपाने की जगह ढूंढने लगते हैं। सूर्य और पृथ्वी के बीच दूरी भी 80 लाख करोड़ किलोमीटर से ज्यादा है और ऐसे में या कैसे संभव हो सकता है कि एक बंदर हवा में उड़कर सूर्य को ही निगल जाए। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध कहते हैं कि यदि कोई बात किताबों में लिखी है तो उसे ऐसे ही मत मानो, बल्कि उसपर पहले गहन चिंतन करो, उसे पर एक्सपेरिमेंट करो और यदि लगता है कि यह बात सत्य है तभी उसे मानो।
वहीं, अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले को लेकर भी स्वामी प्रसाद मौर्य ने बयान दिया है। उन्होंने कहा, "मंदिर से करोड़ों रुपए चोरी कर लिए गए और लुटेरे उन्हें लेकर फरार हो गए। सिर्फ रुपए ही नहीं चांदी और सोना भी लुटेरे लेकर भाग गए। अब सबसे बड़ी बात यह है कि भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पा रहे हैं तो आप लोगों का भला कैसे करेंगे?" उन्होंने कहा कि जो अपने मंदिर की स्वयं रक्षा नहीं कर पाता, वह दूसरे लोगों की रक्षा कैसे कर सकता है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि यदि राम में सही में ताकत होती तो जिस समय लुटेरे मंदिर में चढ़ावा चुरा रहे थे, उसी दौरान वे जलकर भस्म हो गए होते। यदि ऐसा हुआ होता तो वह मान लेते कि भगवान राम में सही में ताकत है, लेकिन असलियत उसके उल्टे हैं। चोरों का बाल बांका तक नहीं हो पाया है।
दरअसल यह पहली बार ऐसा नहीं है कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने विवादित बयान दिया है। इससे पहले 29 अगस्त 2023 को उन्होंने 'हिंदू नाम का कोई धर्म नहीं है' बयान दिया था और हिंदू धर्म को केवल धोखा बताया था। इसके पूर्व में भी उन्होंने ब्राह्मणों को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि ब्रह्मा के मुंह से ब्राह्मण पैदा होते हैं, लेकिन क्या किसी ने आज तक किसी के मुख से किसी को पैदा होते देखा है। इसके अलावा उन्होंने रामचरितमानस को भी बैन करने की मांग की थी, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ था।
Updated on:
24 Jun 2026 05:04 pm
Published on:
24 Jun 2026 05:04 pm
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