6 जून 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अपनी ही पुलिस पर भड़के योगी के मंत्री संजय निषाद, कहा- सरेंडर किया तो गोली क्यों मारी? पूछे 5 बड़े सवाल

Ghazipur Encounter News: गाजीपुर में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए कमलेश बिंद की घटना पर यूपी के मंत्री संजय निषाद ने सवाल उठाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस से कई सवाल पूछे हैं।

2 min read
Google source verification
Ghazipur encounter news, Kamlesh Bind encounter, Minister Sanjay Nishad, UP Police

कमलेश बिंद एनकाउंटर पर UP पुलिस पर भड़के संजय निषाद (फोटो- पत्रिका)

Kamlesh Bind Encounter: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड में हुए कमलेश बिंद एनकाउंटर मामले ने पकड़ लिया है। इस एनकाउंटर पर खुद योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने पुलिस की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संजय निषाद ने गाजीपुर पुलिस को खुली चुनौती देते हुए 5 तीखे सवाल पूछे हैं। मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा है कि अगर पुलिस की कार्रवाई सही है तो वह मामले के दोनों मुख्य आरोपियों का एनकाउंटर करके दिखाए।

संजय निषाद पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट

मंत्री संजय निषाद ने सख्त लहजे में कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती है। अगर कमलेश बिंद ने कोई अपराध किया था तो उसे कानून की प्रक्रिया के तहत सजा मिलनी चाहिए थी। उन्होंने साफ कहा कि विनीत राय हत्याकांड में कमलेश बिंद किसी भी तरह से मुख्य आरोपी नहीं था। अगर पुलिस को एनकाउंटर करना ही था तो मुख्य आरोपियों का किया जाना चाहिए था। निषाद ने कहा कि वह गाजीपुर पुलिस की इस कार्रवाई से पूरी तरह असंतुष्ट हैं। उन्होंने गाजीपुर के पुलिस कप्तान को सीधी चुनौती दी कि वे दोनों मुख्य आरोपियों का एनकाउंटर करके दिखाएं। मंत्री ने कहा कि उन्हें पता है कि पुलिस ऐसा कर ही नहीं सकती।

मंत्री संजय निषाद ने पुलिस से पूछे 5 बड़े सवाल

पहला सवाल: एनकाउंटर किन परिस्थितियों में किया गया? जब कमलेश बिंद की पत्नी खुद यह आरोप लगा रही है कि उसके सामने थाने में उसके पति को पीटा गया और उसके बाद ले जाकर एनकाउंटर कर दिया गया तो क्या इसकी निष्पक्ष जांच नहीं होनी चाहिए?

दूसरा सवाल: भारतीय न्याय संहिता और संविधान में आरोपी को न्यायालय में आत्मसमर्पण करने का अधिकार दिया गया है। अब पुलिस कोर्ट के गेट और परिसर के अंदर से ही गिरफ्तारी कर लेती है जो सीधे तौर पर मौलिक अधिकारों का हनन है।

तीसरा सवाल: जब पुलिस को मालूम था कि एनकाउंटर के बाद समाज में रोष का माहौल बन सकता है तो खुफिया विभाग यानी एलआईयू क्या कर रहा था? पुलिस को यह सूचना पहले क्यों नहीं मिली कि परिजन या सामाजिक लोग विरोध कर सकते हैं।

चौथा सवाल: मृतक के शव को ले जाते समय पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था क्यों नहीं की गई थी?

पांचवां सवाल: पुलिस का बयान आया है कि वह सभी पर रासुका लगाएगी। इस पर मंत्री ने खुली चुनौती दी कि पुलिस सबसे पहले डॉ संजय निषाद पर रासुका लगाकर दिखाए।