
रिपोर्ट:-आलोक त्रिपाठी
गाजीपुर. थानों में पुलिसकर्मियों का तबादला होना एक नियमित प्रक्रिया है जिसका पुलिस व आम लोगों पर अधिक असर नहीं होता है लेकिन जब कोई थानेदार का तबादला हो और उसे पुलिसकर्मियों के साथ आम जनता भी हाथी पर बैठा कर बैंड-बाजे के साथ विदाई दे तो कुछ अचरज होना स्वाभाविक है। गाजीपुर के करंडा थानाध्यक्ष त्रिवेणी लाल का जब तबादला हुआ तो लोगों ने उन्हें सम्मान के साथ विदाई दी।
यह भी पढ़े:-मुलायम की कुंडली में है ऐसा योग, जो लोकसभा चुनाव 2019 में शिवपाल या अखिलेश की बदल देगा किस्मत
स्थानीय लोगों के साथ पुलिसकर्मियों ने हाथी पर थानेदार त्रिवेणी लाल सेन को बैठा कर घुमाया। हाथी के आगे ढोल-नगाड़ा बजाते हुए लोग चल रहे थे। जहां से भी हाथी गुजरता था वहां पर लोग हाथ जोड़ कर सम्मान के साथ त्रिवेणी लाल सेन को विदाई दे रहे थे। लोगों ने इस बात पर खुशी जतायी थी कि उनका तबादला किसी अन्य जिले में नहीं हुआ है बल्कि मीडिया सेल का प्रभारी बनाया गया है इसलिए त्रिवेणी लाल सेन से हमेशा भेंट होती रहेगी।
यह भी पढ़े:-क्षत्रिय बाहुबली राजा भैया की युवा सेना ने बुक करा दी ट्रेन, कहा यूपी ही नहीं इन राज्यों से भी आयेंगे लोग
पहले मंगाया था घोड़ा, बाद में हाथी पर बैठा कर दी गयी विदाई
त्रिवेणी लाल सेन बताया कि वह ग्रामीणों के साथ अपने सहयोगियों को भी पूरा सम्मान देते थे। लोगों की समस्या को नियमानुसार समाधान कराया जाता था। ग्रामीणों को जब तबादले की जानकारी मिली तो पुलिसकर्मियों के साथ मिल कर घोड़े मंगाये गये थे लेकिन मैने घोड़े पर बैठने से मना कर दिया तो हाथी लेकर आये और सभी की जिद मानते हुए हाथी पर बैठना पड़ा। इसके बाद पुलिस थाने से हाथी में बैठा कर विदाई दी गयी। बताते चले कि त्रिवेणी लाल सेन लगभग 11 माह तक करंडा के थानेदार रहे थे इस दौरान चर्चित पत्रकार राजेश मिश्र हत्याकांड का खुलासा किया था और क्षेत्र में क्राइम कंट्रोल करने में सफल साबित हुए थे जिसका इनाम उन्हें सम्मान के साथ विदाई के रुप में मिला।
यह भी पढ़े:-शिवपाल यादव का इफेक्ट, अखिलेश की पार्टी ने इन्हें बनाया फ्रंटल अध्यक्ष