Mukhtar Ansari: मुख्तार अंसारी और अफजाल अंसारी के खिलाफ मुहम्मदाबाद थाने में 2007 में मामला दर्ज हुआ था। साल 2005 में मऊ में हुए दंगे के पीछे मुख्तार अंसारी का हाथ माना जाता है।
मुख्तार अंसारी को शनिवार यानी 29 अप्रैल को गाजीपुर की MP-MPLA कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट में दस साल कारावास की सजा सुनाई है। साथ मुख्तार के भाई और BSP सांसद अफजाल अंसारी को भी गैगस्टर एक्ट में 4 साल जेल की सजा सुनाई गई है।
गैंगस्टर एक्ट में किया गया था FIR दर्ज
आईपीएस अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान मुख्तार अंसारी की कहानी बताई है। पूर्व पुलिस अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि वह मुख्तार के खिलाफ पहले कार्रवाई कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि कैसे मुख्तार अंसारी जेल में ऐश करता था।
उलटे-सीधे काम सब जेल से चलते थे
पूर्व पुलिस अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया, ''जेल में जब मुख्तार गए तो बड़े-बड़े वरिष्ठ अधिकारी उसके साथ जाकर बैडमिंटन खेलते थे। वहां कैदियों के साथ दरबार लगता था। जेल से बाकायदा इनकी सरकार चलती थी। बाहर के ठेके-पट्टे, किडनैपिंग और तमाम उलटे-सीधे काम सब वहीं से चलते थे।”
पूर्व पुलिस अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया, “मुख्तार केवल कहने के लिए था कि जेल में हैं। वहां से इसका पूरा गैंग ऑपरेट किया जाता था। जब उत्तर प्रदेश में योगी जी आ गए तो इनको लगा कि यहां खतरा है तो झूठे केस में ये पंजाब चले गए और वहां ऐश करने लगे। इनके बहुत से शूटर पंजाब के थे।”