42 करोड़ की बड़ी सौगात! देवीपाटन मंडल में 18 नए पुलों को मंजूरी, गोंडा-बहराइच समेत चार जिलों के लाखों लोगों का सफर होगा आसान, बारिश में होने वाली दिक्कतों से अब राहत मिलेगी।
उत्तर प्रदेश के देवीपाटन मंडल के लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। योगी सरकार ने वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना के तहत गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों में 18 लघु पुलों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के लिए 42 करोड़ रुपये से अधिक का बजट भी स्वीकृत किया गया है। जिससे खासकर ग्रामीण इलाकों में आवागमन पहले से काफी आसान और सुरक्षित हो जाएगा।
देवीपाटन मंडल के चार जिलों में रहने वाले लाखों लोगों को जल्द ही बेहतर सड़क संपर्क की सुविधा मिलने वाली है। प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग की योजना के तहत 18 छोटे पुलों के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इन पुलों के निर्माण पर 42 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च की जाएगी। इससे खासकर उन गांवों को फायदा होगा। जहां बारिश के समय रास्ते पूरी तरह बाधित हो जाते हैं।
योजना के अनुसार, गोंडा जिले में पांच, बहराइच में सात, बलरामपुर में चार और श्रावस्ती में दो लघु पुल बनाए जाएंगे। इन पुलों के बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा। और लोगों को लंबा रास्ता तय करने या जोखिम भरे रास्तों से गुजरने की मजबूरी नहीं रहेगी।
गोंडा जिले के चहलवा ग्राम पंचायत में बिसुही नदी पर पुल निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही थी। बारिश के मौसम में यहां के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब लगभग 9.69 करोड़ रुपये की लागत से यहां पुल बनाया जाएगा। जिससे आसपास के कई गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। इसी तरह कंजाहीपुरवा संपर्क मार्ग से जुड़े विरवाघाट, महंतपुरवा और अहिरन पुरवा क्षेत्र में भी पुल निर्माण को मंजूरी मिली है। यहां करीब 4.69 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अभी तक लोगों को आवाजाही के लिए वैकल्पिक और कठिन रास्तों का सहारा लेना पड़ता था।
बहराइच जिले में बाबागंज-मल्लिहपुर मार्ग पर किलोमीटर 8 के पास स्थित संकरी पुलिया को हटाकर नए लघु सेतु का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 1.16 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वर्तमान में पुलिया संकरी होने के कारण लोगों को जाम और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन सभी परियोजनाओं के लिए शासन स्तर से स्वीकृति मिलने के साथ ही बजट भी जारी कर दिया गया है। अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिसके बाद निर्माण कार्य जमीन पर उतर जाएगा। इन पुलों के बनने से न केवल लोगों की यात्रा आसान होगी। बल्कि बारिश के दौरान होने वाली समस्याएं और दुर्घटनाएं भी काफी हद तक कम होंगी। ग्रामीण इलाकों में विकास की यह पहल आने वाले समय में क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी गति देगी।