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दुबई में 4 साल से फंसा बेटा, इंतजार में मां की मौत, अब बूढ़े पिता ने लगाई गुहार

Gonda News: गोंडा के करनैलगंज इलाके के रहने वाले राम अशोक मौर्य ने दुबई में चार साल से फंसे बेटे अमित कुमार की भारत वापसी के लिए विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार लगाई है। जुर्माना न भर पाने से अमित की वापसी रुकी हुई है। बेटे के इंतजार में मां की मौत हो चुकी है। जबकि बीमार पिता अब आखिरी उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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वृद्ध बाप और दुबई में फंसा बेटा फोटो सोर्स परिजन

वृद्ध बाप और दुबई में फंसा बेटा फोटो सोर्स परिजन

गोंडा जिले के करनैलगंज की रहने वाले राम अशोक मौर्य ने अपने बेटे अमित कुमार को दुबई से भारत वापस लाने के लिए विदेश मंत्रालय से मदद मांगी है। अमित पिछले चार साल से दुबई में फंसा हुआ है। छह महीने की जेल की सजा पूरी करने के बाद भी जुर्माना न भर पाने के कारण उसकी भारत वापसी नहीं हो पा रही है। बेटे की चिंता में मां की मौत हो चुकी है। जबकि बीमार पिता अब आखिरी उम्मीद लगाए बैठे हैं।

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के करनैलगंज क्षेत्र के रहने वाले राम अशोक मौर्य इन दिनों बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। उनका इकलौता बेटा अमित कुमार पिछले चार साल से दुबई में फंसा हुआ है। बेटे की वापसी के लिए वह लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिल सकी है। राम अशोक मौर्य के अनुसार, अमित दुबई में एक मामले में फंस गया था। जिसके बाद उसे छह महीने जेल में रहना पड़ा। सजा पूरी होने के बाद जब अमित भारत लौटने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा तो अधिकारियों ने उसे रोक दिया। बताया गया कि जुर्माने की रकम जमा किए बिना वह अपने देश वापस नहीं जा सकता।

वृद्ध पिता ने विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह से लगाई गुहार

वृद्ध पिता का कहना है कि उनकी आर्थिक हालत बेहद खराब है। वह खुद बीमार रहते हैं। और इतना पैसा जुटा पाना उनके लिए संभव नहीं है। उन्होंने विदेश राज्य मंत्री और गोंडा से भाजपा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया से भी मदद की अपील की है।

बेटे के वापसी की राह देखते देखते मां की हो गई मौत

राम अशोक मौर्य ने भावुक होकर बताया कि बेटे की चिंता में कुछ महीने पहले उनकी पत्नी का निधन हो गया। अब घर में वह अकेले हैं। हर दिन बेटे के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत भी कई बार बिगड़ चुकी है। और अमित ही उनका एकमात्र सहारा है।

विदेश राज्य मंत्री और मुख्यमंत्री तक लगा चुके गुहार

उन्होंने बताया कि वह कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मिल चुके हैं। चार बार विदेश राज्य मंत्री के कार्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय तक भी अपनी बात पहुंचा चुके हैं। लेकिन अब तक कोई ठोस मदद नहीं मिली। उनका कहना है कि यह उनकी आखिरी गुहार है।