गोंडा की बेटी आरती मिश्रा ने कमाल कर दिया—ट्रेनी सिपाही से सीधे डिप्टी जेलर बनीं। UPPSC 2024 में पहली कोशिश में 39वीं रैंक हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन किया। सबसे खास बात यह रही की एक छोटे से गांव में रहकर सीमित संसाधन में तैयारी कर अपनी मेहनत और लगन के बल पर मुकाम हासिल किया।
गोंडा जिले की एक साधारण परिवार की बेटी आरती मिश्रा ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी सफलता हासिल की है। ट्रेनी सिपाही के रूप में काम कर रही आरती ने UPPSC 2024 परीक्षा में 39वीं रैंक हासिल कर डिप्टी जेलर का पद प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे जिले को गर्व महसूस कराया है। सीमित संसाधनों में की गई तैयारी उनकी सफलता की खास वजह रही।
गोंडा जिले के रुपईडीह ब्लॉक की ग्राम पंचायत पठाना जोत की रहने वाली 26 वर्षीय आरती मिश्रा ने अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चय के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की वर्ष 2024 की परीक्षा में उन्होंने 39वीं रैंक प्राप्त कर डिप्टी जेलर का पद हासिल किया है। खास बात यह है कि आरती ने यह सफलता पहली ही कोशिश में प्राप्त की है। जो उनकी मेहनत और लगन को दर्शाती है। वर्तमान में आरती मिश्रा आजमगढ़ जिले के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (PTC) में सिपाही के पद पर प्रशिक्षण ले रही हैं। इससे पहले भी वह उत्तर प्रदेश पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा में सफल हो चुकी थीं। अब सिपाही से सीधे डिप्टी जेलर बनने की उनकी यात्रा कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
आरती एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता राम आशीष मिश्रा खेती करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। जबकि उनकी मां रीता मिश्रा गृहिणी हैं। परिवार में तीन बहनें और एक भाई था। लेकिन कुछ महीने पहले उनके भाई की नहर में डूबने से मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना के बावजूद आरती ने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा।
मां रीता मिश्रा ने बेटी की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि आज बेटे की बहुत याद आ रही है। अगर वह आज जीवित होता। तो अपनी बहन की इस सफलता पर सबसे ज्यादा खुश होता। पिता ने भी बेटी पर गर्व जताते हुए कहा कि आरती बचपन से ही पढ़ाई में होनहार थी। हमेशा कुछ बड़ा करने का सपना देखती थी।
आरती की शुरुआती पढ़ाई भगौती प्रसाद इंटर कॉलेज पिपरा चौबे से हुई। इसके बाद उन्होंने पार्वती देवी इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट पूरा किया और फिर जिले के लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय से बीएससी की डिग्री हासिल की। आगे चलकर उन्होंने फैजाबाद के एक कॉलेज से बीएड किया और इसके बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। घर पर रहकर सीमित संसाधनों में पढ़ाई करना आसान नहीं था। लेकिन आरती ने कभी हार नहीं मानी। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। आज उनकी कामयाबी से पूरे गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।