
UP Weather: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और उमस की मार झेल रहे तराई और देवीपाटन मंडल के जिलों के लिए राहत की खबर है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ की ओर से जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटों में दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर प्रदेश में पूरी तरह आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो चुकी हैं। मौसम विभाग ने गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती और सिद्धार्थनगर समेत आसपास के इलाकों में मेघगर्जन, वज्रपात और भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इस दौरान क्षेत्र में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोकेदार हवाएं चलने की भी आशंका जताई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून के आगमन की परिस्थितियां लगभग तैयार हो चुकी हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछले 19 दिनों से यूपी-बिहार सीमा के आसपास ठहरा हुआ है। हालांकि अब इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं और मंगलवार को इसके उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना है।
मानसून की एंट्री के साथ सबसे पहले कुशीनगर, महराजगंज और सिद्धार्थनगर समेत तराई इलाकों में बारिश होगी।। इसके बाद मानसूनी गतिविधियां धीरे-धीरे प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी फैलेंगी। मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वांचल के 26 जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान तेज से बहुत तेज बारिश होने का अनुमान है। विशेष रूप से गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी के आसार हैं। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के लिए कहा है।
बता दें कि मानसून को आगे बढ़ाने वाले मौसमी सिस्टम सक्रिय हो चुके हैं और इसका असर प्रदेश के कई जिलों में दिखाई देने लगा है। मंगलवार सुबह से ही गोंडा, बहराइच समेत प्रदेश के करीब 20 शहरों में तेज हवाओं के साथ रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। अन्य जिलों में बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है।
पिछले 24 घंटों के मौसम की बात करें तो आगरा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं लखनऊ समेत करीब 15 शहरों में बारिश हुई। बस्ती और महाराजगंज में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में एक महिला और नौ वर्षीय बच्चे की जान चली गई।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान समय में प्रदेश के ऊपर तीन अलग-अलग मौसमीय तंत्र प्रभावी बने हुए हैं। इन्हीं प्रणालियों की वजह से वातावरण में नमी लगातार बढ़ रही है। बादल सक्रिय हो रहे हैं। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं भी उत्तर प्रदेश तक पहुंच रही हैं, जिससे वर्षा की संभावना और मजबूत हुई है।