गोंडा जिले में मंगलवार को देवीपाटन मंडल के आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने विद्युत विभाग का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक अधिकारी 16 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। आयुक्त ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं। जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।
गोंडा जिले में मंगलवार को आयुक्त देवीपाटन मण्डल शशि भूषण लाल सुशील ने विद्युत विभाग के विभिन्न कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान कुल 17 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।
आयुक्त के निरीक्षण में कार्यालय मुख्य अभियन्ता (वितरण) मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में 6 कर्मचारी अनुपस्थित पाए। इसी प्रकार कार्यालय अधीक्षण अभियन्ता, विद्युत वितरण में 2 कर्मचारी, कार्यालय अधिशासी अभियन्ता, विद्युत वितरण खण्ड-प्रथम में 7 कर्मचारी तथा कार्यालय अधिशासी अभियन्ता, विद्युत वितरण खण्ड-द्वितीय में 2 कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद नहीं मिले। कुल मिलाकर एक अधिकारी और 16 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण के बाद सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अनुपस्थित पाए गए सभी अधिकारी-कर्मचारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आयुक्त ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समय से कार्यालय पहुंचने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से भी कार्यालयों में समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। इसके बावजूद यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी समय से उपस्थित नहीं होता है। तो उसका स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। और कठोर कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने साफ कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी कार्यों में देरी से जनता को असुविधा होती है। इसलिए सभी कर्मचारियों को समयपालन को अपनी जिम्मेदारी मानते हुए कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य है। उन्होंने संबंधित विभागाध्यक्षों को भी निर्देशित किया है कि उपस्थिति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। अनुपस्थित या देर से आने वाले कार्मिकों के खिलाफ तत्काल रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई सुनिश्चित करें।