गोंडा में भाजपा नेता प्रतापगढ़ तोड़ फायरिंग के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में तीन नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। रिपोर्ट दर्ज करने में देरी की यह वजह सामने आई है।
गोंडा जिले के परसपुर क्षेत्र में भाजपा से जुड़े जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह पर हुए जानलेवा हमले ने सनसनी फैला दी है। सोमवार रात हुई इस घटना में उन्हें गोली लगने के बाद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के तीन दिन बाद पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र में भाजपा से जुड़े जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह पर फायरिंग का मामला सामने आया है। घटना सोमवार रात करीब 9:40 बजे की बताई जा रही है। जब भूपेंद्र सिंह अपनी स्कॉर्पियो से गांव में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे।
रास्ते में कटहाघाट-डेहरास रोड के पास उन्होंने चार लोगों को खड़ा देखा। जैसे ही उनकी गाड़ी पास पहुंची। वहां मौजूद आरोपियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। हमले में एक गोली उनकी गाड़ी के शीशे को तोड़ते हुए अंदर घुस गई, जिससे गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और वह पेड़ से टकरा गई। स्थिति संभालने के लिए भूपेंद्र सिंह गाड़ी से बाहर निकलकर भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन इसी दौरान हमलावरों ने दोबारा गोली चलाई। इस बार एक गोली उनके पेट में जा लगी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचने लगे। जिन्हें आता देख आरोपी वहां से फरार हो गए।
ऑपरेशन और बेहोशी के कारण नहीं दे पाए तहरीर घायल अवस्था में भूपेंद्र सिंह को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के केजीएमसी रेफर किया गया। फिलहाल उनका इलाज वहीं चल रहा है। इस मामले में भूपेंद्र सिंह ने बुधवार देर शाम परसपुर थाने में तहरीर दी। उन्होंने वैभव सिंह उर्फ सोनू, सहित तीन नाम जद और दो अज्ञात पर केस दर्ज कराया है। उनका कहना है कि ऑपरेशन और बेहोशी के कारण वह पहले शिकायत दर्ज नहीं कर सके।
पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और जांच की जिम्मेदारी उप निरीक्षक सौरभ वर्मा को दी गई है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपियों को जल्द पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।