22 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गोंडा मंदिर से लौट रही थी खुशी… घर पहुंचने से पहले ही थम गई सांसे, सड़क हादसे ने छीन ली जिंदगी

गोंडा जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में मंदिर से लौट रही युवती घर पहुंचने से पहले ही सड़क हादसे का शिकार हो गईं। इलाज के लिए ले जाते वक्त रास्ते में उनकी मौत हो गई है। जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है।

2 min read
Google source verification
मृतक युवती की फाइल फोटो सोर्स परिजन

मृतक युवती की फाइल फोटो सोर्स परिजन

गोंडा जिले के करनैलगंज क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। बांसगांव की रहने वाली खुशी तिवारी, जो मंदिर में पूजा कर लौट रही थीं। रास्ते में हुए हादसे का शिकार हो गईं। गंभीर हालत में उन्हें लखनऊ ले जाया जा रहा था। लेकिन जिंदगी की जंग वह रास्ते में ही हार गईं। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है।

गोंडा जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जहां एक सड़क दुर्घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बांसगांव की रहने वाली खुशी तिवारी की एक हादसे में मौत हो गई। जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मिली जानकारी के अनुसार, खुशी तिवारी मंगलवार देर रात को बटौरा बाबा मंदिर में पूजा-अर्चना करने गई थीं। पूजा के बाद वह घर वापस लौट रही थीं। तभी रास्ते में कपूरपुर मोड़ के पास अचानक बाइक औऱ कार की टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवती गंभीर रूप से घायल हो गई।

लखनऊ ले जाते समय रास्ते में हुई मौत

हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। उनकी हालत नाजुक देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया। परिजन पूरी उम्मीद के साथ उन्हें लेकर रवाना हुए। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। रास्ते में ही खुशी ने दम तोड़ दिया। जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

इस हादसे में उनके साथ मौजूद विशाल दुबे भी घायल हो गए हैं। उन्हें गोंडा में ही इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। जहां उनकी स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं। खुशी तिवारी की असामयिक मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों के साथ-साथ गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। हर किसी की जुबान पर बस यही सवाल है कि आखिर एक साधारण यात्रा इतनी भयावह कैसे बन गई।