गोंडा

UGC बिल के विरोध में उतरे BJP विधायक प्रतीक भूषण, सवर्ण समाज को बनाया जा रहा निशाना

UGC के नए नियम 2026 को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गोंडा से BJP विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने फेसबुक पोस्ट के जरिए इन नियमों पर सवाल उठाए।
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Jan 27, 2026
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UGC के नए नियमों पर SC के रोक लगाने के बाद प्रतीक भूषण का बड़ा बयान। Source- X

BJP MLA Prateek Bhushan Singh News: देशभर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों 2026 को लेकर काफी विवाद चल रहा है। ये नियम उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और भेदभाव रोकने के लिए लाए गए हैं। लेकिन कई लोग इन्हें सामान्य वर्ग (सवर्ण) के छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ मान रहे हैं। वे कहते हैं कि इन नियमों से झूठी शिकायतों का खतरा बढ़ सकता है और एक वर्ग को निशाना बनाया जा सकता है। इसी वजह से छात्र, अभिभावक, संगठन और अब राजनीतिक नेता भी विरोध कर रहे हैं।

विधायक प्रतीक भूषण सिंह का फेसबुक पोस्ट

बृजभूषण शरण सिंह के बेटे और गोंडा से विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट डालकर यूजीसी नियमों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा है कि इतिहास के दोहरे मापदंडों पर अब गहन विवेचना होनी चाहिए। जहां बाहरी आक्रांताओं और उपनिवेशी ताकतों के भीषण अत्याचारों को ‘अतीत की बात’ कहकर भुला दिया जाता है, जबकि भारतीय समाज के एक वर्ग को निरंतर ‘ऐतिहासिक अपराधी’ के रूप में चिह्नित कर वर्तमान में प्रतिशोध का निशाना बनाया जा रहा है।

विधायक ने स्पष्ट किया कि यह पोस्ट यूजीसी के नए नियमों से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि जो कहना था, वह सोशल मीडिया पर कह दिया है। कैमरे के सामने कोई बयान नहीं देंगे। यह पोस्ट बीजेपी के अंदर से असहमति दिखाता है, क्योंकि पार्टी की अपनी सरकार के नियमों पर सवाल उठ रहे हैं।

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की टिप्पणी

कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने यूजीसी के इन नए नियमों पर कहा है कि बिना अच्छे से अध्ययन किए कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील और समाज से जुड़ा मुद्दा है। सभी पक्षों से बात करके सामंजस्य बनाना चाहिए और समाधान निकालना चाहिए। उनकी इस टिप्पणी के बाद इस मुद्दे पर और चर्चा शुरू हो गई है।

बीजेपी के अंदर बढ़ता असंतोष

UGC के नियमों का विरोध अब बीजेपी के अंदर भी पहुंच गया है। लखनऊ में 11 पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। अन्य जिलों में भी नेता और कार्यकर्ता नाराजगी जता रहे हैं। कुछ विधायक और नेता बिना नाम लिए या अप्रत्यक्ष तरीके से नियमों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। यह पार्टी के लिए चुनौती बन रहा है, क्योंकि अपनी ही नीति के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं।

Updated on:
27 Jan 2026 08:08 am
Published on:
27 Jan 2026 08:08 am