पार्टी के कद्दावर नेता व पूर्व विधायक का आज तड़के निधन हो गया है।
गोंडा. बहुजन समाज पार्टी में आज शोक की लहर दौड़ गई है। पार्टी के कद्दावर नेता व पूर्व विधायक मोहम्मद जलील खां का आज तड़के निधन हो गया है। कल रात सहरी के समय उनको सीने में दर्द की शिकायत हुई थी। जिसको देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन तभी उनका निधन हो गया। मोहम्मद जलील बेहद ईमानदार नेताओं में से एक माने जाते थे। वहीं उनका निधन बसपा के लिए एक बड़ा झटका है। जलील के चार बेटे व एक बेटी हैं।
गोंडा से लखनऊ तक दौड़ी शोक की लहर-
कल रात रोजा के दौरान सहरी के वक्त मोहम्मद जलील खां को तेज सांस फूलने और सीने में दर्द की शिकायत हुई। यह देख परिवार के लोग तत्काल उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उन्हें निजी अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इसी दौरान उनकी मौत हो गई। आज उनके निधन की सूचना मिलने पर गोंडा से लेकर लखनऊ तक शोक की लहर दौड़ गई है। बेहद ईमानदार छवि वाले पूर्व विधायक के निधन से उनके पैतृक आवास पर उनके चाहने वालों का तांता लग गया। पैतृक आवास जमुनिया बाग मुगलजोत खोरहंसा आवास पर भारी भीड़ जुटी हुई है।
2007 में बने बसपा से विधायक-
राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाले मोहम्मद जलील खां की अपनी एक अलग छवि थी। 2007 में उन्होंने पहला विधानसभा चुनाव बसपा के टिकट पर लड़ा। वो जीते और विधायक बने। वहीं 2012 में उन्हें टिकट नही मिला, इस कारण वे निर्दलीय चुनाव लड़े, लेकिन उन्हें हार मिली। वहीं मोदी लहर को देखते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें वापस बुलाया और 2017 में टिकट दिया, लेकिन इस बार भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लेकिन इसके बाद भी वो समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं भूले और सेवा करते रहे। बसपा जिला अध्यक्ष ने उनके निधन पर बताया इसकी सूचना बसपा अध्यक्ष मायावती को दी गई है।