गोंडा में सरकारी जमीन पर अवैध कबजेदारों के खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई की गई है। मदरसा सहित कई मकान और दुकान गिरा दिए गए हैं।
गोंडा जिले में प्रशासन ने सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए खोरहंसा गांव में करीब डेढ़ बीघा ग्राम समाज की जमीन को खाली कराया। इस जमीन पर बिना अनुमति मदरसा, दुकानें और मकान बनाए गए थे। कई बार नोटिस देने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया। जिसके बाद प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।
गोंडा जिले के सदर तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए बड़ी कार्रवाई की। यह कार्रवाई खोरहंसा गांव में की गई। जहां ग्राम समाज की नवीन परती जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था। करीब डेढ़ बीघा जमीन पर बिना अनुमति निर्माण कर उसका उपयोग किया जा रहा था। जानकारी के मुताबिक, इस जमीन पर एक मदरसा संचालित किया जा रहा था। इसके अलावा तीन दुकानों और एक मकान का भी निर्माण कर लिया गया था। प्रशासन ने जांच के बाद पाया कि ये सभी निर्माण नियमों के खिलाफ थे और सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए थे।
प्रशासन ने कब्जाधारकों को पहले कई बार नोटिस जारी कर जमीन खाली करने के निर्देश दिए थे। साथ ही चेतावनी भी दी गई थी कि अगर कब्जा नहीं हटाया गया। तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इसके बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया। निर्माण और उपयोग जारी रहा। इसके बाद सदर तहसीलदार की अदालत से आदेश मिलने पर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर से कार्रवाई शुरू की। इस दौरान एसडीएम सदर अशोक गुप्ता, तहसीलदार मनीष कुमार, सीओ सदर शिल्पा वर्मा और सीओ नगर आनंद राय मौके पर मौजूद रहे। किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स भी तैनात की गई थी। प्रशासन की टीम ने एक-एक कर सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया और जमीन को पूरी तरह से खाली कराया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। ताकि कोई अव्यवस्था न हो।
एसडीएम अशोक गुप्ता ने बताया कि यह कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुसार की गई है और सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आगे भी ऐसे मामलों में सख्ती जारी रहेगी और सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।