
बड़गांव पुल से गुजरते वाहन फोटो सोर्स पत्रिका
गोंडा शहर का बड़गांव रेलवे ओवरब्रिज अब लोगों के लिए चिंता का कारण बनता जा रहा है। करीब 38 साल पहले बना यह पुल आज जर्जर हालत में पहुंच चुका है। भारी वाहन गुजरते ही पुल कांपने लगता है। जिससे राहगीरों और आसपास के लोगों में डर बना रहता है। बलरामपुर से बढ़नी नेपाल तक जाने का प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में छोटे-बड़े भारी वाहन गुजरते है। लखनऊ तक की यात्रा करने वाले हजारों लोग रोज इसी पुल से सफर करते हैं। लेकिन अब इसकी हालत लोगों को परेशान कर रही है।
गोंडा शहर के बड़गांव इलाके में स्थित रेलवे ओवरब्रिज की हालत लगातार खराब होती जा रही है। यह पुल 1987 से 1990 के दशक के बीच बनकर तैयार हुआ था। इसका शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने किया था। खास बात यह है कि पुल बनने के 38 वर्ष बाद कि इसका औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ। अब तो यह जर्जर हो गया। गोंडा से बलरामपुर और सिद्धार्थनगर की ओर जाने वाले लोगों के लिए यह पुल बेहद अहम माना जाता है। हर दिन हजारों छोटे-बड़े वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं। लेकिन अब पुल की जर्जर स्थिति लोगों की चिंता बढ़ा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी भारी ट्रक या बस पुल से गुजरती है। तो पूरा पुल हिलता महसूस होता है। इससे पुल पर चल रहे लोग सहम जाते हैं। पुल पर लगे कई ज्वाइंटर खुल चुके हैं। जिससे वाहनों को तेज झटके लगते हैं। कुछ हिस्सों में विभाग ने अस्थायी दीवार बनाकर काम चलाया है। लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है। इस पुल की रेलिंग को तोड़ते हुए कई भारी वाहन नीचे भी गिर चुके हैं। राहत की बात रही कि घटना रात में हुई। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद आसपास के दुकानदार और राहगीर और ज्यादा डरे हुए हैं।
पुल के पास दुकान करने वाले व्यापारियों का कहना है कि उन्हें हर समय किसी बड़े हादसे का डर सताता रहता है।
ओवरब्रिज पर लगी कुछ स्ट्रीट लाइटें भी खराब पड़ी हैं। जिस पुल के कुछ हिस्सों में अंधेरा छा जाता है। जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि पुराने पुल की जगह नया ओवरब्रिज बनाया जाए। ताकि लोगों को राहत मिल सके।
Updated on:
28 May 2026 04:38 pm
Published on:
28 May 2026 04:38 pm
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