chhath puja 2024: छठ पर्व की पूजा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। बिहार के इस महापर्व की शुरुआत गोंडा के इस चमत्कारिक स्थान पर बिहार के कुछ रेल कर्मचारियों ने शुरू की थी। अब छठ पर्व के अवसर पर इस प्राचीनतम मंदिर पर पूजा के दो दिन पहले से ही भक्तों की भारी भीड़ जुड़ती है।
chhath puja 2024: गोंडा शहर के प्राचीनतम खैरा भवानी मंदिर पर छठ पूजा के दिन पोखरे की चारों तरफ भक्तों की अपार भीड़ जुटती है। वैसे तो यहां प्रतिदिन कुछ ना कुछ श्रद्धालु आते जाते रहते हैं। लेकिन नवरात्र के बाद छठ दूसरा ऐसा महापर्व है। जिसमे भक्तों की 20 से 25 हजार लोगों की भीड़ जुटती है।
chhath puja 2024: गोंडा शहर के रेलवे क्रॉसिंग के उसपार प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां खैरा भवानी का मंदिर है। मंदिर के बगल एक पोखरा है। इस प्राचीनतम मंदिर का विशेष महत्व है। यहां पर आदि शक्ति प्रकाश पुंज के रूप में प्रकट हुई थी। नवरात्र के अलावा यहां पर पूरे आषाढ़ माह सोमवार और शुक्रवार को मां के भक्तों की भारी भीड़ जुटती है। वैसे तो गोंडा जिले के कई स्थानों पर नदी और पोखरे के पास छठ पर्व मनाया जाता है। बिहार के इस महापर्व की शुरुआत खैरा कुंभ नगर के रहने वाले ग्रामीणों का कहना है, कि गोंडा में बिहार के कुछ रेल कर्मचारियों ने खैरा भवानी पोखरे के पास आज से करीब 50 वर्ष पहले छठ पूजन की शुरुआत किया था। तब से यह परंपरा चली आ रही है। अब छठ के दिन यहां पर पूरा परिसर भक्तों की अपार भीड़ से भर जाता है।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने मंगलवार को खैरा भवानी मंदिर कर्नलगंज सरयू घाट सहित अन्य सभी स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर साफ-सफाई एवं लाइट व्यवस्था करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी नगर पालिका व नगर पंचायतों को शहर के खैरा भवानी मंदिर पोखरा बड़गांव तथा सरयू घाट करनैलगंज व अन्य पूजा स्थलों पर विशेष साफ सफाई करने के निर्देश दिए हैं।