गोंडा

डीएम प्रियंका निरंजन ने अधिकारियों की लगाई क्लास, ग्राम पंचायत सचिवों पर कार्रवाई के निर्देश

गोंडा में डीएम प्रियंका निरंजन ने सीएम डैशबोर्ड योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई। फैमिली आईडी की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और लापरवाह ग्राम पंचायत सचिवों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

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Mar 29, 2026

गोंडा की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा बैठक की। उन्होंने विभागवार प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को रैंकिंग सुधारने के सख्त निर्देश दिए। फैमिली आईडी की खराब प्रगति पर नाराजगी जताई और सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।

गोंडा में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित विकास योजनाओं की गहन समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति को प्रोजेक्टर के माध्यम से देखा गया और अधिकारियों से सीधे जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने एनआरएलएम, जल निगम, फैमिली आईडी, पंचायत, विद्युत, पर्यटन, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, पशुपालन, समाज कल्याण, प्रोवेशन, पिछड़ा वर्ग कल्याण और सिंचाई विभाग सहित कई विभागों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं में शत-प्रतिशत कार्य करते हुए समय पर डाटा फीडिंग सुनिश्चित करें, ताकि जिले की रैंकिंग में सुधार हो सके।

सभी विभाग नियमित अपने-अपने कार्यों की करें समीक्षा

उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग अपने-अपने कार्यों की नियमित समीक्षा करें। सीएम डैशबोर्ड की लगातार निगरानी बनाए रखें। किसी भी योजना में देरी या लापरवाही से रैंकिंग प्रभावित होती है। इसलिए इसे गंभीरता से लेना जरूरी है। निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्यों का निस्तारण करने के निर्देश भी दिए गए।

जांच में सहयोग न करने वाले ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ करें कार्रवाई

फैमिली आईडी योजना की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दुबे को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों की जांच में सहयोग न करने वाले सचिवों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।

अधिकारी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व का करें निर्वहन

इसके अलावा जिलाधिकारी ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, ‘कन्या सुमंगला’, ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’, बाल संरक्षण गृह और निराश्रित महिला पेंशन जैसी योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में आवेदन सत्यापन लंबित है। उन्हें तुरंत निस्तारित किया जाए और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय से पहुंचाया जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कार्यों का निर्वहन करें।

Updated on:
29 Mar 2026 04:23 pm
Published on:
29 Mar 2026 04:11 pm
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