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ना लालबत्ती, ना सरकारी काफिला, पैदल कचहरी पहुंचे जिला जज, अब न्यायिक अधिकारी पैदल या साइकिल से जाएंगे कोर्ट

Judicial officers walking to court: गोंडा में जिला जज दुर्ग नारायण सिंह समेत सभी न्यायिक अधिकारी सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल छोड़ पैदल कचहरी पहुंचे। पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के संदेश के तहत अब न्यायिक अधिकारी छोटी दूरी के लिए पैदल या साइकिल से कोर्ट जाएंगे। इस अनोखी पहल की अधिवक्ताओं और आम लोगों ने जमकर सराहना की।
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गोंडा

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Mahendra Tiwari

•

Updated: 20 May 2026, 12:39 PM IST

कोर्ट पैदल जाते न्यायिक अधिकारी फोटो सोर्स पत्रिका

कोर्ट पैदल जाते न्यायिक अधिकारी फोटो सोर्स पत्रिका

गोंडा में बुधवार को न्यायिक अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का संदेश देने के लिए अनोखी पहल की। जिला जज दुर्ग नारायण सिंह समेत सभी न्यायिक अधिकारी सरकारी वाहनों का उपयोग छोड़ पैदल ही अदालत पहुंचे। सड़क पर जजों को आम लोगों की तरह चलते देख लोग हैरान रह गए। न्यायाधीशों ने कहा कि छोटी दूरी के लिए वाहन छोड़कर पैदल या साइकिल का इस्तेमाल करना समय की जरूरत है।

गोंडा जिला न्यायालय में बुधवार की सुबह एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। आम दिनों की तरह सरकारी गाड़ियों का काफिला नजर नहीं आया। बल्कि जिला जज दुर्ग नारायण सिंह समेत कई न्यायिक अधिकारी पैदल ही कचहरी पहुंचे। जजों को सड़क पर आम नागरिकों की तरह चलते देख राहगीर और स्थानीय लोग कुछ देर के लिए ठिठक गए। जनपद न्यायाधीश दुर्ग नारायण सिंह अपने कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के साथ पैदल अदालत पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बताया कि यह कदम ईंधन बचाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय परिवार ने सामूहिक रूप से तय किया है कि छोटी दूरी के लिए सरकारी वाहनों का प्रयोग कम किया जाएगा।

अब छोटी दूरी के लिए नहीं करेंगे गाड़ियों का उपयोग

जिला जज ने बताया कि अधिकतर न्यायिक अधिकारियों के आवास कचहरी के आसपास ही हैं। इसलिए रोजमर्रा की छोटी दूरी के लिए गाड़ी का उपयोग जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर लोग छोटी-छोटी जरूरतों के लिए पैदल चलने या साइकिल का इस्तेमाल करें। तो पेट्रोल और डीजल की काफी बचत हो सकती है।

सिर्फ एक दिन की औपचारिक पहल नहीं, आगे भी जारी रहेगी

उन्होंने यह भी साफ किया कि यह सिर्फ एक दिन की औपचारिक पहल नहीं है। आगे भी न्यायिक अधिकारी पैदल या साइकिल से दफ्तर आने की कोशिश जारी रखेंगे। उनका मानना है कि समाज में बदलाव लाने के लिए पहले खुद उदाहरण पेश करना जरूरी होता है।

अधिवक्ता और कचहरी में मौजूद लोगों ने जमकर किया प्रशंसा


इस पहल में अपर जिला जज निर्भय प्रकाश, दानिश हसनैन और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार सिंह समेत कई अन्य न्यायिक अधिकारी भी शामिल रहे। अदालत परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं और कर्मचारियों ने भी इस कदम की सराहना की। लोगों ने कहा कि अगर समाज के जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग इस तरह की पहल करें। तो आम जनता भी प्रेरित होगी।