देवीपाटन में नई आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कार्यभार संभालते ही सख्त तेवर दिखाए। औचक निरीक्षण में लापरवाही पर चेतावनी दी। जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के आदेश देकर प्रशासन में हलचल मचा दी।
देवीपाटन मंडल की नवागत आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बुधवार को आयुक्त कार्यालय परिसर का सघन निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्था की हकीकत परखी। इस दौरान उन्होंने साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव और कार्यप्रणाली को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। साथ ही जनता दर्शन में आम लोगों की समस्याएं सुनकर उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए। जिससे प्रशासनिक सक्रियता का स्पष्ट संदेश गया।
देवीपाटन मंडल में नवागत आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कार्यभार संभालते ही प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की दिशा में सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। बुधवार को उन्होंने आयुक्त कार्यालय परिसर में स्थित विभिन्न शाखाओं का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कार्यालयों की साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव और कर्मचारियों की कार्यशैली पर विशेष ध्यान दिया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यालय परिसर में स्वच्छता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नियमित रूप से रंगाई-पुताई कराने और कार्यस्थल को व्यवस्थित बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुव्यवस्थित कार्यालय न केवल कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं। बल्कि आम जनता के बीच भी प्रशासन की सकारात्मक छवि बनाते हैं।
आयुक्त ने फाइलों के रखरखाव को लेकर भी सख्ती दिखाई। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी अभिलेख अद्यतन रखें जाएं। आवश्यक दस्तावेजों को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री के निर्देशों का उल्लेख करते हुए उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनपदीय और मंडलीय कार्यालयों में बेहतर कार्यप्रणाली विकसित करना सभी की जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के बाद आयुक्त ने जनता दर्शन कार्यक्रम में भाग लेकर आम लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी शिकायतें उनके समक्ष रखीं। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई शासन की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसमें आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। आयुक्त के इस सख्त और सक्रिय रुख से साफ है। कि मंडल में प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देने की शुरुआत हो चुकी है।