गोंडा जिले के तरबगंज क्षेत्र में अज्ञात महिला की मौत का राज खुला तो हर कोई सन्न रह गया। पुलिस ने बताया कि उसे किसी पराए ने नहीं, बल्कि भाई और मां ने मिलकर मौत के घाट उतारा था। पूरी कहानी चौंका देगी।
गोंडा जिले के तरबगंज क्षेत्र में एक महिला का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की तो पूरे घटनाक्रम की पोल परत दर परत खुलती गई। इस सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर मृतका के सगे भाई मनीष और मां निर्मला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गोण्डा जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र में 17 नवंबर को पीडी बन्धा मार्ग किनारे एक अज्ञात महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया था। ग्राम प्रधान बनगाँव मंजीत सिंह की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वाड ने घटनास्थल की बारीकी से जाँच की। लेकिन शुरुआती चरण में मृतका की शिनाख्त नहीं हो सकी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटें और गला घोंटने के संकेत मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने मामले को गंभीर मानते हुए एसओजी, सर्विलांस सहित कुल 5 टीमों का गठन किया था। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। ग्रामीणों से लगातार पूछताछ की गई। गहन पड़ताल के बाद पुलिस मनीष पुत्र स्व. चन्द्रप्रकाश तथा उसकी मां निर्मला देवी तक पहुंची। दोनों को बस्ती जिले के वाल्टरगंज कस्बे के पास से गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बलेनो कार भी बरामद कर ली गई।
पूछताछ में मनीष ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि 16 नवंबर की रात उसने अपनी छोटी बहन को किसी अनजान युवक से बात करते देख गुस्से में उसके हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद बोरे में भरकर कार की डिग्गी में डाल दिया। रास्ते में सुनसान स्थान पर उसने रस्सी से बहन का गला घोंट दिया। बाद में तरबगंज क्षेत्र में मृतका का शव सड़क किनारे फेंककर कार चढ़ाई। ताकि मौत दुर्घटना जैसी लगे। इसके बाद वह अपने चचेरे भाई को साथ लेकर घर लौट गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।