गोंडा के एक गांव से चार मासूम बच्चों के एक साथ लापता होने से हड़कंप मच गया है। रोते-बिलखते माता-पिता की आंखें रास्ता देख रही हैं। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से पूरी रात चला सर्च ऑपरेशन चलाया। लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
गोंडा जिले के खोडारे थाना क्षेत्र स्थित ढडुवा कुतुबजोत गांव से चार मासूम बच्चों के एक साथ लापता होने की घटना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। देर शाम घर से निकले बच्चे वापस नहीं लौटे, जिसके बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
खोडारे थाना क्षेत्र के ढडुवा कुतुबजोत गांव में रविवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गांव के चार बच्चे अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गए। परिजनों के मुताबिक बच्चे शाम करीब पांच बजे घर के आसपास खेल रहे थे। लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं लगा।
लापता बच्चों में रामकुमार विश्वकर्मा का 10 वर्षीय पुत्र विश्व प्रताप, जगराम का 7 वर्षीय बेटा कृष्णा शर्मा, संदीप का 5 वर्षीय पुत्र शिव संत उर्फ दिवांशु और अजय शर्मा का 7 वर्षीय बेटा रितेश शर्मा शामिल हैं। बच्चों के गायब होने से परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। माताएं बेसुध हैं। परिजन किसी अनहोनी की आशंका से चिंतित नजर आ रहे हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद खोडारे थाना पुलिस हरकत में आई। थाना प्रभारी यशवंत सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कराया। सीओ मनकापुर की मौजूदगी में देर रात करीब चार बजे तक गांव और आसपास के खेतों, बागों व सुनसान स्थानों की छानबीन की गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को भी बुलाया गया। तालाबों और आसपास के जल स्रोतों में भी खोजबीन कराई गई। लेकिन अब तक बच्चों का कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। और संभावित सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।