
Gonda Flood: गोंडा में घाघरा नदी का बढ़ता पानी अब गांवों के साथ खेतों तक पहुंचने लगा है। नेपाल में बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद नदी का मिजाज लगातार बिगड़ रहा है। शनिवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। अयोध्या में भी सरयू उफान पर है। दोनों जगह पानी अभी बढ़ रहा है। जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
गोंडा जिले में घाघरा नदी एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा रही है। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी का असर नदी पर साफ दिखाई दे रहा है। शनिवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर घाघरा का जलस्तर 106.340 मीटर रिकॉर्ड किया गया। खतरे का निशान 106.070 मीटर है। यानी नदी करीब 27 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में करीब चार सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पानी बढ़ने के साथ अब नदी के किनारे के खेतों और निचले इलाकों में भी पहुंचने लगा है। इससे तरबगंज और करनैलगंज तहसील क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। गांवों में लोग लगातार नदी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
शनिवार सुबह नदी में कुल 3,50,765 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। इसमें गिरिजा बैराज से 1,72,973 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,72,114 क्यूसेक और सरयू बैराज से 5,678 क्यूसेक पानी शामिल है। हालांकि बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी का रुझान अब कम होने लगा है, लेकिन इसका असर नदी के जलस्तर पर अभी बना हुआ है।
उधर अयोध्या में सरयू का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। शनिवार को यहां नदी 92.960 मीटर पर दर्ज की गई, जबकि खतरे का स्तर 92.730 मीटर है। यानी सरयू भी 23 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। दोनों जगह जलस्तर बढ़ने का रुझान दर्ज किया गया है।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम को अपने क्षेत्रों में लगातार हालात पर नजर रखने को कहा गया है।
जिला कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिया गया है। राजस्व विभाग और प्रशासन की टीमें संभावित प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रही हैं। ग्रामीणों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि अगर पानी तेजी से बढ़ता है तो नदी के आसपास रहने वाले लोग देर किए बिना सुरक्षित जगह की ओर चले जाएं।