
IAS अधिकारी दिव्या मित्तल फोटो सोर्स X अकाउंट
IAS Divya Mittal Resignation: आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद गोंडा में उनके पुराने कार्यकाल की चर्चा फिर शुरू हो गई है। बतौर सीडीओ उन्होंने करीब 11 महीने काम किया। लेकिन इस दौरान कई ऐसे अभियान चलाए। जिनका असर जिले से बाहर तक दिखाई दिया। खासकर स्वच्छता अभियान में उनका काम काफी चर्चा में रहा। 120 घंटे के एक अभियान ने जिले का नाम रिकॉर्ड में दर्ज करा दिया।
आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने गोंडा में बतौर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) करीब 11 महीने काम किया था। समय भले ही कम था। लेकिन इस दौरान उन्होंने ग्रामीण विकास और स्वच्छता से जुड़े कई कामों पर खास जोर दिया। अब उनके इस्तीफे की खबर के बाद उनके कार्यकाल को लेकर एक बार फिर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। दिव्या मित्तल ने 16 मई 2017 को जिले में सीडीओ का पद संभाला था। करीब 11 महीने तीन दिन बाद 19 अप्रैल 2018 को उनका तबादला कानपुर नगर कर दिया गया। वहां उन्हें प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी मिली।
यहां पर तैनाती के दौरान स्वच्छता को लेकर दिव्या मित्तल काफी सक्रिय नजर आईं। उन्होंने गांवों में साफ-सफाई और शौचालय निर्माण को लेकर विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। 5 जून 2017, यानी विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर उन्होंने ‘स्वच्छता में आस्था’ नाम से अभियान शुरू कराया।
इसके बाद शौचालय निर्माण को लेकर एक बड़ा अभियान चलाया गया। तत्कालीन जिलाधिकारी जेबी सिंह के साथ मिलकर 26 से 30 मार्च 2018 तक ‘मिशन-32’ चलाया गया। इस अभियान का लक्ष्य कम समय में बड़ी संख्या में व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराना था।
अभियान के दौरान सिर्फ 120 घंटे में 32,065 व्यक्तिगत शौचालय तैयार कराए गए। इस उपलब्धि के बाद जिले का नाम देशभर में चर्चा में आया। जिले में शौचालय निर्माण के मामले में आंध्र प्रदेश के विजयनगर जिले के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था। विजयनगर में वर्ष 2017 के दौरान 100 घंटे में 20 हजार शौचालय बनाने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था। यहां पर इससे कहीं अधिक शौचालय कम समय में बनाए गए।
दिव्या मित्तल का कार्यकाल सिर्फ स्वच्छता अभियान तक सीमित नहीं रहा। प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्र लोगों को लाभ मिलने के मामलों को लेकर भी उन्होंने कार्रवाई की। पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने योजनाओं में गड़बड़ी रोकने को लेकर उनके काम की चर्चा हुई। अब उनके इस्तीफे की खबर के बाद लोग उनके पुराने कार्यकाल को याद कर रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर गांव की गलियों तक उनके 11 महीने की कार्यकाल की चर्चा अब आम बात हो गई है। लोगों का कहना है कि ऐसे अधिकारी आ जाए। तो जिले का नक्शा बदल सकता है।
Updated on:
2 Sep 2026, 10:13 AM IST
Published on:
2 Sep 2026, 10:13 AM IST
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