
Gonda News: गोंडा जिले में रात के अंधेरे में भैंस चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कर्नलगंज पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया। मौके से पिकअप में लदी चार भैंसें मिलीं, जबकि पूछताछ के बाद दो अन्य चोरी की भैंसें भी बरामद की गईं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह जिले के चार थाना क्षेत्रों में पशु चोरी की घटनाओं में शामिल था।
गोंडा जिले में भैंस चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य दिन में गांवों में घूमकर उन घरों और स्थानों की जानकारी जुटाते थे। जहां लोग अपने दुधारू पशुओं को बाहर बांधते थे। रात में मौका मिलते ही भैंसों को चोरी कर लिया जाता था। इसके बाद पशुओं को नदी के कछार और झाड़ियों में छिपा दिया जाता था। पर्याप्त संख्या में पशु इकट्ठा होने पर उन्हें पिकअप में लादकर दूर के पशु बाजारों में बेच दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 की रात कर्नलगंज कोतवाली पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि भैंस चोरी करने वाले कुछ लोग पिकअप में चोरी के पशु लेकर परसपुर की ओर से घाघरा घाट की तरफ जा रहे हैं। दो मोटरसाइकिलों पर सवार लोग पिकअप की रेकी भी कर रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने नकहरा चौराहे के पास बंधे पर घेराबंदी कर संदिग्ध वाहनों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर पिकअप चालक और कुछ अन्य लोग अंधेरे तथा झाड़ियों का फायदा उठाकर भाग निकले। हालांकि, पिकअप में सवार दो लोगों और दोनों मोटरसाइकिल चालकों को पुलिस ने पकड़ लिया।
पुलिस ने पिकअप की तलाशी ली तो उसमें चार काली भैंसें मिलीं। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही पर जरवल कस्बे के पास कटी नाला स्थित आम के बाग के किनारे झाड़ियों में छिपाकर रखी गई दो अन्य भैंसें भी बरामद की गईं। इस तरह पुलिस ने कुल छह भैंसें बरामद कीं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने 24 अक्टूबर की रात कर्नलगंज क्षेत्र के घरकुइया गांव से दो भैंसें और 22 अक्टूबर की रात परसपुर क्षेत्र के शाहपुर गांव से दो भैंसें चोरी करने की बात बताई। इसके अलावा 12 सितंबर की रात कोतवाली देहात के रथवलिया गांव से एक भैंस और एक पड़िया तथा 26 सितंबर की रात खरगूपुर के असिधा गांव से एक भैंस चोरी कर बेचने की बात भी सामने आई।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के पशुओं की बिक्री से मिले 20 हजार रुपये नकद बरामद किए। वारदात में इस्तेमाल पिकअप और दो मोटरसाइकिलें भी मिली हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य आपस में फोन से संपर्क करते थे और चोरी के पशुओं को बेचकर मिली रकम आपस में बांट लेते थे। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।