Gonda Crime: एक 35 वर्षीय दिव्यांग युवक का शव तालाब में बच्चों ने उतरता देखा। दरअसल बच्चों की गेंद तालाब में चली गई थी। दिव्यांग युवक का शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। अब डीएम के आदेश पर 10 दिन बाद कब्र से शव निकालकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
Gonda Crime: गोंडा जिले में 35 वर्षीय दिव्यांग रंजीत नवंबर महीने के पहले सप्ताह में अचानक घर से गायब हो गया था। बीते 22 जनवरी को बच्चे गेंद खेल रहे थे। अचानक उनका गेंद तालाब में चला गया। बच्चे जब तालाब में गेंद निकालने गए। तो उन्होंने तालाब में शव उतरता हुआ देखा। तालाब में युवक का शव मिलने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए किसी तरह शव का दफन कर दिया।
Gonda Crime: गोंडा जिले के कर्नलगंज कोतवाली के गांव खजुहा का रहने वाला रंजीत 35 वर्ष शारीरिक रूप से दिव्यांग था। उसका एक हाथ कटा था। नवंबर महीने के पहले सप्ताह में वह अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गया। जिस समय युवक लापता हुआ उस समय मृतक रंजीत की पत्नी किरन अपने मायके समस्तीपुर बिहार गई हुई थी। पति की मौत की सूचना पाकर जब वह वापस आई तो उसने अपने पति के डूबने से मौत होने की सूचना व शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए 24 जनवरी को कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया।
डीएम के आदेश पर शव को कब्र से निकलकर पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस की यह कार्रवाई अब सुर्खियों में है। 10 दिन पहले मृतक के परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए शव दफन कर दिया था। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की गेंद यदि तालाब में न जाती तो 35 वर्षीय दिव्यांग रंजीत के मौत का राज दफन हो जाता। ग्रामीणों के अनुसार अत्यंत गरीबी के चलते परिजन ठीक से अंतिम संस्कार भी नहीं कर सके। गनीमत रही की खेलते खेलते बच्चों की गेंद तालाब में चली गई। गेंद निकालने गए बच्चों ने शव उतरता देख शोर मचाना शुरू कर दिया। उसके बाद ग्रामीण भारी संख्या में इकट्ठा हो गए। परिजनों ने तालाब से शव को बाहर निकाला तो मृतक की पहचान दिव्यांग रंजीत 35 वर्ष के रूप में हुई।
इस संबंध में कोतवाल श्रीधर पाठक ने बताया कि डीएम के निर्देश पर शव निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।