Gonda cyber fraud: गोण्डा पुलिस की साइबर सेल ने सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों के बैंक खाते और एटीएम कब्जे में लेकर करोड़ों की ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर 14.87 करोड़ रुपये फ्रीज किए हैं। मामले में 46 बैंक खाते और 212 साइबर शिकायतें सामने आई हैं।
गोण्डा पुलिस की साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी बैंक खातों के जरिए देशभर में साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से सैकड़ों पासबुक, एटीएम किट, मोबाइल फोन और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच के दौरान करीब 14 करोड़ 87 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज कराए गए हैं। गिरोह कई राज्यों में ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क से जुड़ा मिला है।
गोण्डा पुलिस की साइबर सेल और नगर कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए साइबर अपराध से जुड़े बड़े गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जो म्यूल खातों के जरिए करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में अमन सिंह, कुलदीप वर्मा, रोहित सिंह, सूरज कुमार सिंह, मोहित सिंह, रंजीत कुमार, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद समीर और आलोक गुप्ता शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से 347 बैंक पासबुक, 177 एटीएम किट, 22 आधार कार्ड, 9 पैन कार्ड, 10 मोबाइल फोन, 2 चेकबुक, 3 सिम कार्ड, 3 बाइक समेत नकदी बरामद की है। पुलिस के अनुसार साइबर सेल लंबे समय से संदिग्ध बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर नजर रख रही थी। जांच के दौरान ऐसे खातों की जानकारी मिली। जिनमें अलग-अलग राज्यों से साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर हो रही थी। मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस और डिजिटल ट्रांजेक्शन के तकनीकी विश्लेषण के बाद गिरोह के सदस्यों की पहचान की गई।
इसके बाद पुलिस टीमों ने निगरानी शुरू की। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों व मुखबिर की सूचना के आधार पर दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि गिरोह भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, नया बैंक खाता खुलवाने और अन्य लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और मोबाइल नंबर अपने कब्जे में ले लेता था।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग, ट्रेडिंग और साइबर फ्रॉड से आने वाली रकम को ट्रांसफर और निकालने के लिए किया जाता था। ठगी से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों में घुमाकर नकद निकाला जाता था और फिर गैंग के सदस्य आपस में बांट लेते थे। इसके बदले उन्हें 40 से 60 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था।
जांच में कुल 46 बैंक खाते सामने आए हैं। इनमें से 17 खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर 212 शिकायतें दर्ज मिली हैं। शिकायतें दिल्ली, हरियाणा, बिहार, राजस्थान, झारखंड, उत्तराखंड, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों से जुड़ी पाई गई हैं। पुलिस ने अब तक लगभग 14.87 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में फ्रीज कराए हैं। वहीं, गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।