गोंडा

Gonda Flood : नेपाल की बारिश से घाघरा उफनाई, खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर ऊपर; एक दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा

Gonda Flood: नेपाल में लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। गोंडा जिले के तरबगंज और करनैलगंज के एक दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
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Sep 03, 2026
Gonda
आपदा टीम के साथ एनडीआरएफ के जवान फोटो सोर्स सूचना विभाग

Gonda Flood : गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी का असर नदी पर दिखाई दे रहा है। गुरुवार सुबह नदी खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। पानी बढ़ने से तरबगंज और करनैलगंज तहसील के एक दर्जन से अधिक गांवों पर दोबारा बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

गोंडा में घाघरा नदी का पानी एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 12 घंटे में नदी का जलस्तर करीब 12 सेंटीमीटर बढ़ गया। घाघरा का जलस्तर प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। गुरुवार सुबह केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट में नदी खतरे के निशान से ऊपर दर्ज की गई। लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए तरबगंज और करनैलगंज तहसील के तटीय गांवों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। एल्गिन ब्रिज पर गुरुवार सुबह 8:30 बजे घाघरा का जलस्तर 106.190 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 106.070 मीटर है। इस हिसाब से नदी करीब 12 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। अधिकारियों के मुताबिक अगर पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो अगले 24 घंटे में नदी का पानी तट के आसपास बसे गांवों तक पहुंच सकता है।

आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव

नदी के बढ़ते जलस्तर से ग्रामीणों को सताने लगी चिंता

तरबगंज तहसील के ब्योन्दा माझा, दत्तनगर और साखीपुर गांव पहले से बाढ़ की समस्या झेल रहे हैं। अब इन इलाकों में नदी का पानी फिर बढ़ने लगा है। इससे ग्रामीणों को एक बार फिर घर और खेती बचाने की चिंता सताने लगी है। ऐली परसौली और बहादुरपुर गांवों में भी अगले 48 घंटे में बाढ़ का खतरा बताया जा रहा है।

नवाबगंज क्षेत्र में काटन होने से ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किले

नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ नवाबगंज क्षेत्र में कटान भी तेज हो गया है। दत्तनगर, साखीपुर और चहलवा इलाके में गुरुवार सुबह से नदी के किनारे कटान की स्थिति बनी हुई है। पानी बढ़ने से तटबंधों पर भी दबाव बढ़ रहा है। बाढ़ खंड की टीमें तटबंधों की लगातार निगरानी कर रही हैं और कटान रोकने के लिए जरूरी काम किया जा रहा है।
गुरुवार सुबह बैराजों से भी बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया। गिरजा बैराज से 1,64,038 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,72,114 क्यूसेक और सरयू बैराज से 9,105 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। कुल मिलाकर 345257 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

ऐली परसौली गांव में निरीक्षण करते

प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने के दिए निर्देश

जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों का अधिकारियों ने निरीक्षण किया है। इस दौरान एसडीआरएफ की टीम भी मौजूद रही। जिला प्रशासन को अलर्ट है। घाघरा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

Updated on:
03 Sept 2026 05:59 pm
Published on:
03 Sept 2026 05:59 pm