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Gonda : एसपी की बड़ी कार्रवाई, जांच में गड़बड़ी करने पर दरोगा सस्पेंड, विभागीय जांच के आदेश

Gonda News: गोंडा के मोतीगंज थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और लोकेशन की अनदेखी का मामला सामने आने पर पुलिस अधीक्षक ने उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार पाण्डेय को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
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Updated: 29 Oct 2026, 4:30 PM IST
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एसपी अभिषेक फोटो सोर्स विभाग

Gonda News: गोंडा में एक मुकदमे की विवेचना में गड़बड़ियां सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मोतीगंज थाने में दर्ज मुकदमे की जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और लोकेशन की अनदेखी कर आरोप पत्र दाखिल करने का मामला सामने आया है। अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) की प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने विवेचक उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार पाण्डेय को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

गोंडा जिले के मोतीगंज थाने में दर्ज एक मुकदमे की जांच में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) की प्रारंभिक जांच में विवेचक उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार पाण्डेय पर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और लोकेशन की अनदेखी कर आरोप पत्र भेजने का आरोप सामने आया है। इसके अलावा मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की बात भी जांच में सामने आई है। इस पर पुलिस अधीक्षक ने दारोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की अनदेखी का आरोप

पुलिस के अनुसार, मामला मोतीगंज थाने में दर्ज मुकदमा से जुड़ा है। यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 85, 74, 115(2) और 352 के तहत दर्ज है। इस मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार पाण्डेय कर रहे थे। अपर पुलिस अधीक्षक की प्रारंभिक जांच में विवेचना के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है। आरोप है कि विवेचक ने मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और लोकेशन संबंधी जानकारी पर उचित ध्यान नहीं दिया। इसके बावजूद आरोप पत्र भेज दिया गया। जांच में प्रकरण को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करने की बात भी सामने आई है।

वादिनी को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप

प्रारंभिक जांच में विवेचक पर वादिनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से साक्ष्यों के विपरीत कार्रवाई करने का आरोप भी सामने आया है। इसके साथ ही आरोप है कि वादिनी को दोबारा प्रार्थना पत्र देकर उच्चाधिकारियों के सामने मामला रखने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में इन तथ्यों को गंभीरता से लिया गया। जांच के दौरान सामने आए आरोपों को विवेचना में पक्षपात और कर्तव्य के प्रति लापरवाही से जुड़ा माना गया।

एसपी ने किया निलंबित, विभागीय जांच के आदेश

प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
इस कार्रवाई के बाद संबंधित मामले की विवेचना में अपनाई गई प्रक्रिया और साक्ष्यों के इस्तेमाल को लेकर विभागीय स्तर पर जांच की जाएगी। विभागीय जांच में आरोपों से जुड़े तथ्यों और विवेचक की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।
हालांकि, प्रारंभिक जांच में सामने आए आरोपों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही मामले में संबंधित पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

Updated on:
29 Oct 2026, 4:30 PM IST
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