गोंडा के उमरीबेगमगंज हत्याकांड में अदालत का सख्त फैसला, तीन साल के भीतर दो दोषियों को उम्रकैद और जुर्माना। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस की मजबूत पैरवी रंग लाई।
गोंडा जिले के उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हत्या कांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब तीन साल पुराने इस मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा दी गई है। प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने यह कड़ा निर्णय सुनाया। जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।
गोंडा जिले के उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में हुई हत्या के मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोनों को सश्रम आजीवन कारावास और 32,500-32,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जानकारी के अनुसार, 2 फरवरी 2023 को मृतक के पिता सूर्य कुमार शुक्ला ने थाना में तहरीर देकर बताया था कि 1 फरवरी 2023 की रात करीब 10:30 बजे उनके पुत्र सुनील शुक्ल को छीनैती के इरादे से प्रिंस तिवारी और उसके साथियों ने रोक लिया। इसी दौरान आरोपियों ने तमंचे से फायर कर सुनील की हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी प्रिंस तिवारी उर्फ प्रिंस प्रकाश तिवारी और बब्लू उपाध्याय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद तत्कालीन विवेचक ने साक्ष्य जुटाकर 4 मार्च 2023 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया था।
इस मामले को पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत चिन्हित किया गया था। अभियान का उद्देश्य गंभीर अपराधों में दोषियों को शीघ्र सजा दिलाना है। इसी क्रम में अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजक अवनीश धर द्विवेदी, पैरोकार उपदेश कुमार और कोर्ट मोहर्रिर सुषमा यादव ने प्रभावी पैरवी की। सुनवाई के दौरान सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम नम्रता अग्रवाल ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया। अदालत ने उन्हें सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए आर्थिक दंड भी लगाया। इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है। वहीं क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश भी गया है।