गोंडा में केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने ट्रंप के टैरिफ फैसले, भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था, अस्पतालों की अव्यवस्था और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले पर साफ कहा देश में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।
गोंडा जिले में विकसित भारत योजना के तहत केंद्र सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी देने पहुंचे केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में अंतरराष्ट्रीय राजनीति से लेकर स्थानीय मुद्दों तक पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने ट्रंप के टैरिफ वापसी के फैसले, भारत की अर्थव्यवस्था, कानून व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों बड़े बेबाकी के साथ जवाब दिया।
केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ वापस लेने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब पूरी दुनिया यह समझने लगी है। कि भारत आज सबसे मजबूत और तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी नीतियों पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। किसी दबाव में आकर फैसले नहीं करता। यदि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय व्यापार या किसी नई एजेंसी के गठन से जुड़ा कोई मुद्दा सामने आता है। तो भारत अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों के तहत ही अपना रुख तय करेगा।
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि भारत वैश्विक मंच पर एक जिम्मेदार देश के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार देशहित को सर्वोपरि रखकर ही हर निर्णय लेती है। आगे भी इसी नीति पर काम होता रहेगा। स्थानीय मुद्दों पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में व्याप्त अव्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार को इन कमियों की जानकारी है। इन्हें दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार दिखाई देगा। आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े सवाल पर मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि देश में कोई भी व्यक्ति कानून से बड़ा नहीं हो सकता। चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो। कानून का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को कानून का सम्मान करना चाहिए। तभी लोकतंत्र मजबूत होगा।
UGC के नए प्रावधानों को लेकर पूछे गए सवाल पर कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि उन्हें फिलहाल इन प्रावधानों की पूरी जानकारी नहीं है। लेकिन उन्होंने यह गारंटी दी कि सरकार ऐसा कोई काम नहीं करेगी। जिससे छात्रों, शिक्षकों या शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचे। केंद्रीय मंत्री ने अंत में विकसित भारत योजना के उद्देश्यों और लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य हर क्षेत्र में देश को मजबूत बनाना है। इसमें जनता की सहभागिता सबसे अहम है।