
उत्तर प्रदेश की तेजतर्रार आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को देवीपाटन मंडल का कमिश्नर बनाया गया है। अपने सख्त फैसलों और ईमानदार छवि के लिए पहचानी जाने वाली नागपाल एक बार फिर चर्चा में हैं। रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई से सुर्खियों में आईं इस अफसर की पोस्टिंग को प्रशासनिक हलकों में बड़ा संदेश माना जा रहा है। उनकी निजी जिंदगी भी उतनी ही दिलचस्प है।
2010 बैच की आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल का नाम उत्तर प्रदेश की सबसे सख्त और चर्चित अफसरों में गिना जाता है। उनका जन्म 25 जून 1985 को हुआ और उन्होंने इंजीनियरिंग (कंप्यूटर साइंस) की पढ़ाई के बाद यूपीएससी परीक्षा में टॉप रैंक हासिल कर प्रशासनिक सेवा जॉइन की। दुर्गा शक्ति नागपाल पहली बार उस समय सुर्खियों में आईं जब ग्रेटर नोएडा में एसडीएम रहते हुए उन्होंने अवैध रेत खनन के खिलाफ जोरदार अभियान चलाया। उन्होंने माफियाओं पर सख्ती दिखाई। कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और मशीनें जब्त कराईं। इस कार्रवाई के बाद उन्हें 2013 में निलंबित भी कर दिया गया था। लेकिन देशभर में विरोध के बाद उन्हें बहाल कर दिया गया। यही घटना उनकी पहचान को “लेडी सिंघम” के रूप में स्थापित कर गई।
इसके बाद उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया। जिनमें बांदा की जिलाधिकारी और लखीमपुर खीरी की डीएम जैसे महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं। जहां भी रहीं। वहां कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर उनकी कार्यशैली चर्चा में रही। उनकी निजी जिंदगी की बात करें। तो उनकी शादी 2015 में आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह से हुई। अभिषेक सिंह भी यूपी कैडर के अधिकारी हैं। सोशल मीडिया तथा फिल्मों में एक्टिंग के चलते भी चर्चा में रहते हैं। दोनों को पावर कपल के रूप में देखा जाता है।
अब दुर्गा शक्ति नागपाल को देवीपाटन मंडल का कमिश्नर बनाया गया है। यह मंडल गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती जैसे जिलों को कवर करता है। जहां कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी बेहद अहम होती है। ऐसे में उनकी नियुक्ति को सरकार की सख्त और भरोसेमंद प्रशासन देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। तेजतर्रार छवि, ईमानदारी और एक्शन मोड के लिए मशहूर दुर्गा शक्ति नागपाल की यह नई जिम्मेदारी एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ले आई है।