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गोंडा में ड्रग्स सिंडिकेट पर बड़ा प्रहार! 1.13 करोड़ की नशीली दवाएं जब्त, मास्टरमाइंड फरार

Gonda News: गोंडा में नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। एफएसडीए और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 1.13 करोड़ रुपये की ट्रामाडोल, कोडीन सिरप और अन्य दवाएं जब्त की गईं। एक आरोपी गिरफ्तार है। जबकि मुख्य संचालक फरार है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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जांच करते अधिकारी फोटो सोर्स सूचना विभाग

जांच करते अधिकारी फोटो सोर्स सूचना विभाग

Gonda Drug Racket: गोंडा में नशीली और अवैध दवाओं के कारोबार पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन अवैध गोदामों पर छापा मारकर करीब 1.13 करोड़ रुपये की दवाएं बरामद की हैं। इनमें ट्रामाडोल इंजेक्शन, कोडीन सिरप और अल्प्राजोलम जैसी नशीली दवाएं शामिल हैं। कार्रवाई में एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है। जबकि मुख्य आरोपी फरार है, उसकी तलाश जारी है।

1 करोड़ 13 लाख रुपये की दवा बरामद

प्रदेश में चल रहे विशेष अभियान के तहत गोंडा में अवैध और नशीली दवाओं के कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) और पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन दिनों तक लगातार छापेमारी कर तीन अवैध गोदामों को सीज कर दिया। इन गोदामों से करीब 1 करोड़ 13 लाख रुपये की दवाएं बरामद हुई हैं। यह कार्रवाई 16 से 18 जुलाई के बीच बरियार पुरवा, सोनार गली और बड़गांव इलाके में की गई। छापेमारी में प्रदेश के नौ जिलों से आए औषधि निरीक्षकों के साथ स्थानीय पुलिस भी शामिल रही। अधिकारियों को पहले से सूचना मिली थी कि इलाके में बिना लाइसेंस दवाओं का कारोबार किया जा रहा है।

तीन स्थानों पर हुई छापेमारी

जांच के दौरान टीम सबसे पहले गोंडा-बलरामपुर मार्ग पर स्थित अमन फार्मास्युटिकल्स पहुंची। लेकिन फर्म अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिली। वहां कोई साइन बोर्ड भी नहीं लगा था। इसके बाद टीम संचालक अमन कसौधन के घर पहुंची। जहां पूछताछ में उसके भाई शिवम कसौधन ने स्वीकार किया कि दोनों भाई दवाओं का कारोबार करते हैं।
पूछताछ के बाद टीम को दो और गोदामों की जानकारी मिली। तीनों स्थानों पर छापा मारने पर बड़ी मात्रा में दवाएं बरामद हुईं। इनमें ट्रामाडोल इंजेक्शन, कोडीन फॉस्फेट सिरप, अल्प्राजोलम टैबलेट समेत कई एलोपैथिक दवाएं शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन दवाओं का इस्तेमाल नशे के लिए भी किया जाता है।

बिना लाइसेंस के चल रहा था दवा का कारोबार

जब टीम ने खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज, लाइसेंस और स्टॉक रजिस्टर मांगे तो कोई भी कागजात नहीं दिखाए जा सके। इसके बाद सभी दवाओं को मौके पर ही सीज कर दिया गया। जांच के लिए 19 दवाओं के नमूने भी लिए गए हैं। जिन्हें परीक्षण के लिए सरकारी लैब भेजा गया है।
पुलिस ने इस मामले में शिवम कसौधन को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मुख्य आरोपी अमन कसौधन फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

कोतवाली नगर थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार नशीली और अवैध दवाओं के कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। आगे भी ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।