
एल्गिन ब्रिज फोटो सोर्स पत्रिका
Gonda Flood Update:गोंडा में घाघरा और सरयू नदियों का मिजाज लगातार बदल रहा है। एक ओर घाघरा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 18 सेंटीमीटर घटा है। वहीं नेपाल की ओर से गिरजा, शारदा और सरयू बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से फिर बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। दूसरी तरफ, सरयू का घटता जलस्तर तटीय गांवों में तेज कटान का कारण बन रहा है। जिससे किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
घाघरा और सरयू नदियों को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। घाघरा नदी का जलस्तर फिलहाल घट रहा है, लेकिन नेपाल से लगातार छोड़े जा रहे पानी ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बाढ़ खंड विभाग के अनुसार, पिछले 12 घंटे में गिरजा, शारदा और सरयू बैराज से कुल 2 लाख 12 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है।
शनिवार सुबह 9:30 बजे गिरजा बैराज से 95,457 क्यूसेक, शारदा बैराज से 14,295 क्यूसेक और सरयू बैराज से 1,101 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे पहले शुक्रवार रात 10 बजे भी 1,01,694 क्यूसेक पानी घाघरा नदी में छोड़ा गया था। हालांकि पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर 18 सेंटीमीटर कम दर्ज किया गया है। लेकिन आने वाले घंटों में इसके फिर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
घाघरा के किनारे बसे गांवों में लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। ढेमवाघाट मार्ग पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित है। ग्रामीण अब नावों के सहारे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच रहे हैं और उन्हें प्रति व्यक्ति 30 से 50 रुपये तक किराया देना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी तक प्रशासन की ओर से निःशुल्क नाव की व्यवस्था नहीं की गई है।
उधर, सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गया है। एल्गिन ब्रिज पर शुक्रवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब एक मीटर नीचे दर्ज किया गया। जबकि डिस्चार्ज घटकर 88 हजार क्यूसेक रह गया। नदी की तेज धार से सैकड़ों बीघा कृषि भूमि कटान की जद में है। बहुवन मदार मांझा के पास नदी की धारा बांध की सुरक्षा के लिए बने स्पर से टकरा रही है। जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। हालांकि सिंचाई विभाग ने बांध को पूरी तरह सुरक्षित बताया है।
सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य के अनुसार, विभागीय टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। हालात पर पूरी नजर रखी जा रही है। ऐसे में बाढ़ का खतरा भले कम हुआ हो, लेकिन कटान और नेपाल से छोड़े जा रहे पानी ने गोंडा के तटीय इलाकों की बेचैनी अभी खत्म नहीं होने दी है।
Updated on:
18 Jul 2026 12:33 pm
Published on:
18 Jul 2026 12:33 pm
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