नामी प्रकाशकों के नाम की नकली किताबों का बड़ा भंडाफोड़ हुआ है। इनमें कक्षा 9 और 10 तथा 12वी क्लास की 132 किताबें फर्जी पाई गई है।
गोंडा जिले में नकली किताबों के कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। नामी प्रकाशन कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधि की शिकायत पर पुलिस और कंपनी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शहर के पुरानी सब्जी मंडी स्थित एक दुकान पर छापा मारा। इस दौरान कुल 132 नकली किताबें बरामद की गईं। पुलिस ने मामले में दुकान संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी और कॉपीराइट कानून के तहत एफआईआर दर्ज की है।
गोंडा जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित पुरानी सब्जी मंडी में नकली किताबों के कारोबार का बड़ा मामला सामने आया है। नामी प्रकाशन कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधियों की शिकायत के आधार पर पुलिस और कंपनियों की संयुक्त टीम ने ‘अग्रवाल एंड संस’ नामक दुकान पर छापा मारकर 132 नकली किताबें बरामद कीं।
कार्रवाई के दौरान दुकान संचालक श्रवण कुमार अग्रवाल ने स्वयं को दुकान का मालिक बताया। टीम द्वारा दुकान और उससे जुड़े मकान के बाहरी कमरे की तलाशी ली गई। जहां विभिन्न प्रतिष्ठित प्रकाशकों की कई नकली किताबें मिलीं।
बरामद पुस्तकों में एस. चंद एंड कंपनी लिमिटेड की कक्षा 9 और 10 की विज्ञान विषय की किताबें, ‘रेन एंड मार्टिन’ अंग्रेजी व्याकरण, तथा स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा की पुस्तकें शामिल हैं। इसके अलावा मैकग्रा हिल एजुकेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ‘इंडियन पॉलिटी’ (एम. लक्ष्मीकांत), स्पेक्ट्रम बुक्स की ‘आधुनिक भारत का इतिहास’ (राजीव अहीर) भी नकली पाई गईं। अविचल पब्लिशिंग कंपनी और धनपत राय पब्लिकेशंस की अकाउंटेंसी, इकोनॉमिक्स और गणित (आर.डी. शर्मा) की कई किताबें भी जब्त की गईं।
जांच के दौरान यह सामने आया कि बरामद किताबों में कई पर नकली होलोग्राम लगे थे। जबकि कुछ पर होलोग्राम नहीं थे। इसके साथ ही इनकी प्रिंटिंग, पेपर और बाइंडिंग की गुणवत्ता भी बेहद खराब पाई गई। जिससे इनके नकली होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने सभी पुस्तकों की जब्ती सूची तैयार कर उन्हें अपने कब्जे में ले लिया है। प्रकाशन कंपनियों के प्रतिनिधियों की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और कॉपीराइट अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
किताब खरीदते समय उनकी गुणवत्ता जरूर चेक करें
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के गैरकानूनी कारोबार पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है। कि वे किताबें खरीदते समय उनकी गुणवत्ता और प्रमाणिकता की जांच जरूर करें। ताकि इस प्रकार के फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सके।