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एक गांव से उठी दो युवकों की अर्थी …तो रो पड़ा पूरा गांव तिलक समारोह में जाते समय बाइक गड्ढे में गिरने से दोनों की हुई मौत

गोंडा में तिलक समारोह में जा रहे दो युवकों की बाइक गड्ढे में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। एक की मौके पर और दूसरे की अस्पताल में मौत से गांव में मातम छा गया। दर्दनाक हादसे के बाद हर किसी की आंखें नम है।

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दोनों मृतक की फाइल फोटो रोते परिजन फोटो सोर्स पत्रिका

दोनों मृतक की फाइल फोटो रोते परिजन फोटो सोर्स पत्रिका

गोंडा जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो दोस्तों की जान चली गई। दोनों युवक तिलक समारोह में शामिल होने बाइक से जा रहे थे। तभी रास्ते में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गड्ढे में गिर गई। एक की मौके पर मौत हो गई। जबकि दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ा। इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

गोंडा जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र के दिनारा गांव के दो युवकों की सड़क हादसे में मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। दोनों युवक शुक्रवार रात एक तिलक समारोह में शामिल होने के लिए बाइक से निकले थे। लेकिन रास्ते में ही उनकी जिंदगी खत्म हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, दिनारा गांव के रहने वाले 32 वर्षीय प्रमोद तिवारी उर्फ पप्पू और 30 वर्षीय नीरज शुक्ला एक ही बाइक पर सवार होकर राजगढ़ में आयोजित एक तिलक समारोह में जा रहे थे। जब वे राजापुर परसौरा के पास पहुंचे। तभी अचानक बाइक का संतुलन बिगड़ गया। वह सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में जा गिरी। हादसा इतना गंभीर था कि प्रमोद तिवारी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि गंभीर रूप से घायल नीरज शुक्ला को अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

गांव में पसरा मातम, दो घरों के बुझ गए चिराग

इस घटना के बाद दिनारा गांव में मातम पसरा हुआ है। प्रमोद तिवारी के परिवार में उनकी पत्नी और 10 वर्षीय बेटा है। जो इस घटना से सदमे में हैं। वहीं नीरज शुक्ला के परिवार की हालत भी बेहद खराब है। वह खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी पत्नी और छोटा बेटा इस हादसे के बाद बेसहारा हो गए हैं। जबकि उनके पिता पहले से ही बीमार हैं।

एंबुलेंस के देरी से पहुंचने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी

हादसे के बाद स्थानीय लोगों में एंबुलेंस की देरी को लेकर काफी नाराजगी देखने को मिली। परिजनों का कहना है कि समय पर मदद मिलती तो शायद जान बचाई जा सकती थी। इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सड़क किनारे बने गड्ढों को लेकर भी लोगों ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।