गोंडा

गजब! मान्यता बेसिक की भी नहीं, लेकिन यहां चल रहा है इण्टरमीडिएट तक का विद्यालय

शासन के निर्देश को जिम्मेदार दिखा रहें ठेगा.
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Updated: 11 Nov 2017, 7:36 PM IST
Fraud
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गोण्डा. शासन के कड़े तेवर के बाद भी जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। एक विद्यालय ऐसा है जिसे बेसिक शिक्षा की भी मान्यता प्राप्त नहीं है, लेकिन वहां इण्टरमीडिएट तक की कक्षा चलाई जा रही है। यह हाल कहीं और का नहीं बल्कि मण्डल मुख्यालय से महज 21 किमी की दूरी पर मंगलनगर कस्बा स्थित राम प्यारे शिक्षण संस्थान का है।

बताया जाता है कि इस विद्यालय को प्राइमरी स्तर तक की भी मान्यता प्राप्त नहीं है, लेकिन इसे इण्टर मीडिएट तक संचालित किया जा रहा है। बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के नाम पर अभिभावकों को गुमराह कर उनके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हालत यह कि वाहन भाड़ा, कापी किताब ड्रेस में विद्यालय प्रबन्धक द्वारा अभिभावकों की जेब पर डाका डाल कर मनमानी फीस वसूली जा रही है। शासन के निर्देश के बाद भी एनसीआरटी की पुस्तकें न लगाकर अपने मनमाफिक प्रकाशनों की पुस्तकें चलाई जा रही है। कारण इन पुस्तकों पर 40 से 50 प्रतिशत तक कमीशन होता है।

शिकायत बाद भी नहीं हुई कार्यवाही-
विद्यालय के प्रबन्धतंत्र के मनमानी की शिकायत रग्घू बाबा सेवा संस्थान के अध्यक्ष राजकुमार दूबे ने जनपद के उच्चाधिकारियों समेत सूबे के मुख्यमंत्री से की है। सीएम को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि राम प्यारे शिक्षण संस्थान का न तो राजिस्ट्रेशन है फिर भी यह विद्यालय कक्षा 1 से 12 तक संचालित किया जा रहा है। न जाने किस-किस मद के नाम पर मनमानी फीस अभिभावकों से वसूला जा रही है। यहीं नही किताबों के प्रिन्ट रेट पर स्टीकर लगाकर अभिभावकों की जेब पर विद्यालय प्रबन्धतंत्र भारी पड़ रहा। वहीं अप्रशिक्षित अध्यापकों से शिक्षण कार्य लेकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

क्या कहते हैं बेसिक शिक्षाधिकारी-
इस सम्बन्ध में बेसिक शिक्षाधिकारी संतोष देव पाण्डेय ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो इसकी जांच कराकर सम्बन्धित के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी।

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