गोंडा

अपनी पहचान खो रहा गोण्डा का ऐतेहासिक राधा कुंड, सूख गये सारे कूप

जिले के ऐतिहासिक राधा कुंड इस समय स्वयं को बचाने की जद्दोजहद कर रहा है।

2 min read
Nov 29, 2019
अपनी पहचान खो रहा गोण्डा का ऐतेहासिक राधा कुंड, सूख गये सारे कूप

गोण्डा. जिले के ऐतिहासिक राधा कुंड इस समय स्वयं को बचाने की जद्दोजहद कर रहा है। राधा कुंड सूखने का मुख्य कारण है सगरा तालाब से आने वाले पानी के रास्ते को बंद कर देना। राधा कुंड में सगरा तालाब से पानी एक गुफा के रास्ते आता था जिससे यह राधा कुंड जलमग्न रहता था परंतु अतिक्रमण बढ़ने के बाद यह गुफा पट गयी और तालाब से आने वाला पानी भी रुक गया।


शहर के बीचोबीच स्थित राधाकुंड का इतिहास काल्पनिक वृंदावन से जुड़ा है। बताया जाता है कि गोण्डा नरेश अद्वैत सिंह भगवान कृष्ण के अनन्य भक्त थे। उन्हें वृंदावन बहुत सुहाता था। वह महीनों वृंदावन रहते और भगवान कृष्ण की भक्ति करते। रानी को यह चिंता हुई कि कहीं महाराज वृंदावन ही न रह जाए। इसके लिये रानी ने गोण्डा में ही वृंदावन बनाने का फैसला किया। रानी के निर्देश पर सगरा तालाब के बीचों बीच काल्पनिक गोवर्धन पर्वत बनवाया गया उसके ऊपर कृष्ण मंदिर बनवाया। राधा कुंड भी इसी काल्पनिक वृंदावन का एक हिस्सा है। जो सुरंग के जरिये सगरा तालाब से जुड़ती है। जल का मुख्य स्रोत सगरा तालाब ही था जहाँ से राधा कुंड में सुरंग के जरिये पानी पहुंचता था। राधा कुंड में गोण्डा नरेश की गायें पानी पीती थी। जिसके लिए कुंड में गाय घाट का भी निर्माण कराया गया था।


जिस ऐतहासिक राधा कुंड का विकास पर्यटन की दृष्टि से होना चाहिए था वह आज स्वयं को ही जीवित रखने की जद्दोजहद कर रहा है। यह राधा कुंड ऐतेहासिक तो है ही साथ ही साथ यह एक आर्द्रभूमि(वेटलैंड) भी है। एनजीटी के आदेशानुसार आर्द्रभूमि का स्वरूप किसी भी तरह बदला नहीं जा सकता फिर भी यह सूखने के कारण यहां क्रिकेट मैच का आयोजन होता रहा है। हमने जब वहां के स्थानीय लोगों से बात की तो अंजनी कुमार त्रिपाठी (स्थानीय) ने बताया कि इस राधा कुंड को गौ सेवा के लिए विशेष रूप से बनवाया गया था। गायों के लिए गौ घाट का भी निर्माण कराया गया। लेकिन कुछ लोगों द्वारा इसकी भौगोलिक स्थिति बिगाड़ दी गयी और इस को स्टेडियम का स्वरूप दे दिया गया। उनका कहना है कि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों को सारी जानकारी है लेकिन कोई कुछ नहीं करता। एक और स्थानीय ने बताया कि इस में कुएं भी थे इसको भी बंद करवा दिया गया और सुरंग से आने वाले रास्ते को भी बंद करवा दिया गया।

Published on:
29 Nov 2019 02:39 pm
Also Read
View All