30 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

10 हजार की रिश्वत लेते ग्राम विकास अधिकारी गिरफ्तार, विभाग ने किया सस्पेंड… जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ा मामला

गोंडा में ग्राम विकास अधिकारी को जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम ने पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है। विभाग ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

2 min read
Google source verification

गोंडा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ग्राम पंचायत सचिव को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। बभनजोत ब्लॉक में तैनात सचिव उमेश कुमार भारती जन्म प्रमाण पत्र बनाने के बदले 10 हजार रुपये मांग रहे थे। शिकायत मिलने के बाद टीम ने जाल बिछाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब मामले में आगे की जांच जारी है।

गोंडा जिले के बभनजोत विकासखंड में तैनात ग्राम पंचायत सचिव उमेश कुमार भारती को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए मौके पर गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई देवीपाटन मंडल की एंटी करप्शन टीम ने एक शिकायत के आधार पर की। आरोपी सचिव पर आरोप था कि वह जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए 10 हजार रुपये की मांग कर रहे थे।

ग्राम विकास अधिकारी की जेब से रिश्वत के पैसे हुए बरामद

शिकायतकर्ता अजमल, जो कोल्हीगरीब गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने एंटी करप्शन टीम को बताया कि उनके परिचित अजहरुद्दीन के बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सचिव लगातार पैसे मांग रहे थे। कई बार अनुरोध करने के बावजूद बिना रिश्वत दिए काम नहीं किया जा रहा था। जिससे परिवार काफी परेशान था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी करप्शन टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की। तय योजना के अनुसार जैसे ही सचिव ने रिश्वत की रकम ली। टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान उनकी जेब से रिश्वत के पैसे भी बरामद किए गए। इस पूरी कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें पैसे लेते हुए उन्हें साफ देखा जा सकता है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मनकापुर कोतवाली ले जाया गया। जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर रही है। पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की जा रही है।
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी धनंजय सिंह ने बताया कि आरोपी सचिव लंबे समय से लोगों को परेशान कर रहा था। सरकारी काम के बदले पैसे मांग रहा था। इस कार्रवाई से साफ संदेश जाता है कि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

विभाग ने किया सस्पेंड

इधर, विभाग ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से उमेश कुमार भारती को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।