गोंडा

अब स्वाद के मामले में यूपी को मिलेगी नई पहचान, जानिए क्या है ODOC योजना, किस जिले में क्या मशहूर देखें पूरी लिस्ट

उत्तर प्रदेश सरकार की ODOC योजना से हर जिले के मशहूर व्यंजन को नई पहचान मिलेगी। इससे फूड टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। आइये जानते हैं, आपके जिले में क्या है खास देखें पूरी लिस्ट

3 min read
May 07, 2026
प्रमुख जिलों के व्यंजन की सांकेतिक फोटो तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फोटो सोर्स × अकाउंट

उत्तर प्रदेश अब अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के साथ-साथ खानपान की विविधता के लिए भी नई पहचान बनाने की तैयारी में है। योगी सरकार ने एक जनपद एक व्यंजन (ODOC) योजना के जरिए प्रदेश के 75 जिलों के पारंपरिक और प्रसिद्ध व्यंजनों को एक खास पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत सभी जिलों के मशहूर पकवानों की मैपिंग पूरी कर ली गई है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक जिला एक उत्पाद योजना के बाद अब एक जिला एक व्यंजन योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत किस जिले में कौन सा व्यंजन खास है। उसकी पूरी मैपिंग कराई गई है। ब्रज की मिठाइयों से लेकर अवध की कचौड़ी-समोसा संस्कृति, पूर्वांचल के देसी व्यंजन और बुंदेलखंड के पारंपरिक स्वाद को एक साझा मंच दिया जाए। हाल ही में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद अब हर जिले के खास व्यंजन को ब्रांडिंग और पहचान देने का काम तेज होगा।

छोटे कारोबारी को योजना का मिलेगा सीधा लाभ

इस योजना का सीधा लाभ स्थानीय हलवाइयों, छोटे दुकानदारों, घरेलू उद्यमियों और पारंपरिक खाद्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि स्थानीय व्यंजनों की लोकप्रियता बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। और छोटे कारोबार को मजबूती मिलेगी। फूड टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

प्रदेश में फूड टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

सरकार इस पहल को पर्यटन से भी जोड़ने की तैयारी में है। अब किसी जिले की पहचान केवल वहां के ऐतिहासिक स्थलों से नहीं, बल्कि वहां के मशहूर स्वाद से भी होगी। पर्यटक स्थानीय व्यंजनों का अनुभव लेने के लिए भी जिलों का रुख करेंगे। इससे प्रदेश में फूड टूरिज्म को नया बढ़ावा मिलने की संभावना है।

देश-विदेश तक पहुंचेगा यूपी का स्वाद

सरकार इन व्यंजनों की बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर भी जोर दे रही है। ताकि उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक छवि मजबूत होने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया सहारा मिलेगा।

अब जानिए कि जिले में क्या है खास

  1. गोड़ा- इटियाथोक का दही बड़ा व कचौड़ी
  2. बहराइच- चमचम
  3. बलरामपुर- नारियल बर्फी/कलाकंद/ घमंजा/ चाट
  4. श्रावस्ती- इमरती

5 गोरखपुर- लिट्टी-चोखा/लहसुन वाले छोले समोसे/ बर्फी

  1. महाराजगंज- लिट्टी-चोखा/खोआ आधारित मिठाई (राम-कचौरी)/गुड़/मीठा समोसा
  2. देवरिया-मालपूआ/लिट्टी-चोखा/दही/गुड़ की जलेबी
  3. कुशीनगर- केला चिप्स/पेड़ा/लाल खोरमा
  4. झांसी- दाल बाफला/बालूशाही
  5. जालौन- रसगुल्ले/गुझिया
  6. ललितपुर- दूध हलवा/बाजरे की रोटी
  7. कानपुर- समोसा/लड्डू/मलाई मक्खन (मलइयो)
  8. कानपुर देहात: खाद्य तेल/लस्सी
  9. औरैया- शुद्ध देसी घी/दूध बर्फी मिठाई/बालूशाही/ गुड़
  10. इटावा- सरसों आधारित उत्पाद (सरसों की चटनी/सलाद) मट्ठा के आलू/खीर मोहन
  11. फर्रुखाबाद- दालमोठ/भुने आलू
  12. कन्नौज- गट्टा मिठाई/खोआ का पेड़ा
  13. लखनऊ-रेवड़ी/आम उत्पाद/चाट/मलाई मक्खन
  14. हरदोई- आलू पूरी/लड्डू/लाओझड़
  15. लखीमपुर खीरी- केला/गुड़/खोआ पेड़ा/खीर मोहन/रसगुल्ले21.रायबरेली- मसाले
  16. सीतापुर- मक्खन मलाई/समोसा/मिर्ची पकौड़ा/पेड़ा
  17. उन्नाव- काला जामुन/समोसा/कचौड़ी/त्रिलोक परी24.मेरठ- रेवड़ी/गजक/नानखटाई
  18. गाजियाबाद- सोया चाप/मिर्ची का अचार26.गौतम बुद्ध नगर- केक/बेकरी उत्पाद
  19. हापुड़- पापड़
  20. बुलंदशहर- कचौरी/खुरचन/पेड़ा
  21. आगरा- पेठा /नमकीन (दालमोठ)/गजक/ पराठा
  22. फिरोजाबाद- आलू उत्पाद/ आलू टिक्की/कचौड़ी
  23. मैनपुरी- सोहन पापड़ी/भुना हुआ आलू32.मथुरा- पेड़ा/छप्पन भोग/माखन मिश्री/ रबड़ी
  24. अलीगढ़- डेयरी उत्पाद/कचौड़ी/इमरती/इगलास के चमचम
  25. हाथरस- रबड़ी
  26. कासगंज- मूंग का दलमा/कलाकंद/सोन पपड़ी/सोरों की मोठ की चाट36.एटा- चिकोरी/घेवर पूड़ी37.अयोध्या- कचौरी/टिकिया/ पेड़ा/कुल्हड़ वाली दही जलेबी
  27. सुलतानपुर- पेड़ा/समोसा/पूड़ी और कोहड़े की सब्जी/लाल पेड़ा
  28. बाराबंकी- चंद्रकला मिठाई/लाल पेड़ा
  29. अमेठी- समोसा/गुड़ की खीर/गुलगुला/बड़ी वाली पूड़ी
  30. अंबेडकर नगर- बालूशाही/चाट/खजाना/लाल गन्ने की गोटी
  31. आजमगढ़- तहरी (मूंग दाल की)/सफेद गाजर का हलवा/लौंगलता
  32. बलिया- सत्तू आधारित उत्पाद/बाटी-चोखा
  33. मऊ- लिट्टी-चोखा/गोंठा की भेली45.बरेली- सेवइयां/बर्फी/ छोले-भटूरे/ चाट
  34. बदायूं- खोआ आधारित मिठाई/पेड़ा/ पेड़े/लौंज
  35. पीलीभीत- जलेबी/खोआ मिठाई/लस्सी/लौंज
  36. शाहजहांपुर- लौंग बर्फी/गुड़/समोसे/खुरचन
  37. बस्ती- ठेकुआ/पूरी-सब्जी/सिरका/गुड़
  38. संत कबीर नगर- खोआ आधारित मिठाई/समोसा/पेड़ा
  39. सिद्धार्थनगर- खोआ आधारित मिठाई (राम-कचौरी)/मखाना/कालानमक चावल/रामकटोरी
  40. बांदा- सोहन हलवा/बालूशाही
  41. चित्रकूट- मावा
  42. हमीरपुर- बुंदेली व्यंजन (दाल भरे/डुबरी फरा/महुआ बर्फी/माड़े/सन्नाटा)
  43. महोबा- दाल बाफला/तिलकुट/देसावरी पान/खजूर का गुड़
  44. बागपत- बालूशाही/घेवर
  45. मिर्जापुर- लाल पेड़ा/बालूशाही/रसगुल्ला/पेड़ा
  46. भदोही (संत रविदास नगर)- दाल पीठा/ठेकुआ/खोआ पेड़ा/गुझिया/रबड़ी
  47. सोनभद्र- गुलाब जामुन
  48. मुरादाबाद- दाल
  49. रामपुर- हल्दी हलवा (हलवा)
  50. अमरोहा- आम पन्ना/आम चटनी/सेव/लड्डू
  51. संभल- सेवइया/गजक/सोनपापड़ी
  52. बिजनौर- गजक/सिंघाड़ा कचौरी/सोनपापड़ी और बतीसा
  53. प्रयागराज- सब्जी-कचौरी/समोसा/रसगुल्ला
  54. फतेहपुर- बेड़मी पूरी-सब्जी/पेड़ा/सूतफेनी
  55. कौशांबी- गुड़ से बनी मिठाई/चाट/बर्फी/मुंगौरा
  56. प्रतापगढ़- आंवला आधारित उत्पाद/गुलाब जामुन
  57. वाराणसी- तिरंगा बर्फी/ठंडाई-लस्सी/कचौरी/बनारसी पान/लौंग लत्ता/मलइयो
  58. जौनपुर- इमरती/मिठाई एटमबम/जौनपुरी मूली
  59. गाजीपुर- मिर्च का अचार/मटर चाट/रसगुल्ला/जलेबी
  60. चंदौली- काले चावल के उत्पाद (जैसे खीर)/गुलाब जामुन/लस्सी
  61. सहारनपुर- शहद आधारित उत्पाद/चाट/घेवर
  62. मुजफ्फरनगर- गुड़/चाट (टिक्की)/पेड़ा
  63. शामली- गुड़ आधारित उत्पाद/चाट/मिठाई
Updated on:
07 May 2026 02:45 pm
Published on:
07 May 2026 02:44 pm
Also Read
View All