
Vinod Sahni Murder Case Update:गोंडा के परसपुर में बर्तन व्यापारी विनोद साहनी की हत्या के बाद मामला लगातार गरमाता जा रहा है। मामले में ताजा अपडेट सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, घटना में लापरवाही बरतने के आरोप में थानाध्यक्ष परसपुर और शाहपुर चौकी प्रभारी को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। विनोद साहनी पर घर लौटते समय हमला किया गया था। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के केजीएमयू भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
गोंडा पुलिस के मुताबिक, 9 सितंबर को थाना परसपुर क्षेत्र में विनोद साहनी ने तहरीर देकर बताया था कि घर लौटते समय कुछ युवकों ने उनके साथ मारपीट की। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और उनका मेडिकल कराया। हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए KGMU लखनऊ रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक के मुताबिक, मामले में कार्रवाई करते हुए दो नामजद आरोपियों और जांच के दौरान सामने आए एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में घटना के पीछे रंजिश की बात सामने आई है। आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि मृतक सोशल मीडिया पर एक वर्ग विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करता था। पुलिस इसी रंजिश को मारपीट की वजह मानकर जांच कर रही है।
पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
घटना में पुलिस की ओर से लापरवाही बरते जाने के आरोपों को भी गंभीरता से लिया गया है। पुलिस ने परसपुर थानाध्यक्ष और शाहपुर चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है। इसके बाद कृष्ण गोपाल राय को खोड़ारे थाने से स्थानांतरित कर परसपुर का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है।
विनोद साहनी की मौत के बाद शुक्रवार सुबह से ही उनके घर पर बड़ी संख्या में लोग जुटने लगे। परिजनों ने अभी तक अंतिम संस्कार नहीं किया है और शव को घर पर रखा गया है। परिजनों की ओर से शव को कलेक्ट्रेट ले जाकर विरोध प्रदर्शन करने की बात कही जा रही है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन के अधिकारी परिवार से बातचीत कर रहे हैं और अंतिम संस्कार के लिए सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
मामले को देखते हुए परसपुर, तरबगंज और नवाबगंज समेत कई थानों की पुलिस को तैनात किया गया है। प्रशासन ने इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की है। मौके पर सपा के पूर्व मंत्री और करनैलगंज के पूर्व विधायक योगेश प्रताप सिंह समेत कई व्यापारी और स्थानीय लोग भी मौजूद हैं।
विनोद साहनी की मौत की जानकारी मिलने के बाद कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद KGMU लखनऊ पहुंचे थे। उन्होंने वहां धरना देते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। संजय निषाद ने कहा था कि पुलिस हत्यारों को गिरफ्तार करे या उनका एनकाउंटर करे। इस दौरान बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश साहनी भी उनके साथ मौजूद रहे।
अब कैबिनेट मंत्री संजय निषाद गोंडा में कलेक्ट्रेट का घेराव करने के लिए पहुंचे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए गोंडा बॉर्डर के पास कर्नलगंज चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। एडिशनल SP और क्षेत्राधिकारी समेत पांच थानों की पुलिस को मौके पर लगाया गया है। रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है।
गोंडा सर्किट हाउस, कलेक्ट्रेट और पुलिस ऑफिस के आसपास भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रशासन की नजर प्रदर्शन और भीड़ की गतिविधियों पर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि संजय निषाद सर्किट हाउस से कलेक्ट्रेट परिसर तक पैदल यात्रा में शामिल हो सकते हैं। पुलिस और प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बनाए हुए है।
विनोद साहनी की मौत के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध के साथ राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। एक तरफ पुलिस ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की है और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है, वहीं दूसरी तरफ परिजन और स्थानीय लोग मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन के सामने फिलहाल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए राजी करने और संभावित प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने की चुनौती है।