
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (IANS Photo)
Akhilesh Yadav: गोंडा में बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी की हत्या के बाद मामला गरमा गया है। लखनऊ के KGMU में इलाज के दौरान विनोद की मौत के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए BJP सरकार पर निशाना साधा। वहीं, KGMU की मर्चुरी के बाहर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद समेत तीन नेता धरने पर बैठ गए। दूसरी ओर पुलिस ने मुख्य आरोपी शुभम सिंह उर्फ गोलू समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
विनोद साहनी की मौत के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने विनोद को सपा से जुड़ा हुआ बताया। अखिलेश यादव ने लिखा कि गोंडा में सपा से जुड़े हुए बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी की हत्या की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो, श्रद्धांजलि! भाजपा राज में उप्र अपराध व अराजकता के चरम पर है।
भाजपा ने अपने कुकर्मों में संलिप्त होने के लिए पुलिस को बाध्य करके केवल पुलिस की शक्ति और प्रभाव को ही कम नहीं किया है बल्कि झूठे मुकदमों और एनकाउंटर का हिस्सा बनाकर, हर तरह से पुलिस को भ्रष्ट भी कर दिया है।
मामला गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर धनोवा इलाके का है। विनोद कुमार (45) साहनी बर्तन की दुकान चलाते थे। बुधवार रात करीब 10:30 बजे वह रोज की तरह दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि पहले उनके साथ मारपीट की गई और फिर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। हमले में विनोद गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
आसपास के लोगों ने उन्हें इलाज के लिए परसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। परसपुर CHC में प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने विनोद की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल गोंडा रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में भी उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें लखनऊ भेज दिया। विनोद को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी यानी KGMU में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान गुरुवार को उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिवार और स्थानीय लोगों में घटना को लेकर गुस्सा है।
हत्या के विरोध में KGMU की मर्चुरी के बाहर तीन अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े नेता एक साथ धरने पर बैठे। संजय निषाद, राजपाल कश्यप और मुकेश साहनी ने सख्त कार्रवाई की मांग की। इससे मामला और चर्चा में आ गया।
मंत्री संजय निषाद ने मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग की। इसी बीच, घटना के दूसरे दिन पुलिस ने तीन आरोपियों शुभम, सुभाष और एक अन्य को गिरफ्तार कर लिया। मामले में एसपी ने थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी और चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं।
Updated on:
11 Sept 2026 09:14 am
Published on:
11 Sept 2026 09:14 am
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