
गोरखपुर। मुख्यमंत्री के शहर में मेट्रो रेल चलाने की कवायद में फिर तेजी आती दिख रही है। मंडलायुक्त ने बताया कि गोरखपुर में मेट्रो केलिए दो रूट को चिंहित किया गया है। संबंधित विभाग मेट्रो का डीपीआर बना रही संस्था राइट्स की सर्वे रिपोर्ट का अध्ययन कर अपनी -अपनी आख्या उपलब्ध करा दें।
उन्होंने कहा कि मेट्रो के निर्माण में आगे बढ़ने के लिए सभी विभागों का समन्वय बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि मेट्रो के दो रूट चिन्हित हुए है। उसमें श्यामनगर से सूबा बाजार तक 18 किमी है। इस रूट को भविष्य में कालेसर तथा बाईपास तक विस्तार किया जा सकेगा। दूसरा रूट गुलहरिया से नौसढ़ तक करीब 14.5 किमी है।
उन्होंने बताया कि नगरनिगम, पी.डब्लू.डी., एयरफोर्स, रोडवेज, टेªफिक तथा रेलवे विभाग को सर्वे रिपोर्ट भेजी जायेगी जो इसपर अपनी आख्या एक सप्ताह में उपलब्ध करायेंगे। पुनः बैठक कर इस पर चर्चा की जायेगी।
मेट्रो के मुख्य अभियंता रमेश कुमार ने बताया कि मेट्रो निर्माण केन्द्र और राज्य सरकार के सहयोग से पी.पी.पी. माडल पर किया जायेगा। राइट्स संस्था के मैनेजर नीरज शर्मा ने सर्वे रिपोर्ट उपलब्ध कराया।
बैठक में जिलाधिकारी के.विजयेन्द्र पांडियन, उपाध्यक्ष जीडीए वैभव श्रीवास्तव, एसपी टेªफिक आदित्य वर्मा तथा विभागीय अधिकारी गण उपस्थित रहे
सर्वे के अनुसार यह है सुझाव
लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने पहला कॉरीडोर कैंपियरगंज मार्ग को जोड़ते हुए श्याम नगर से सूबा बाजार तक बनाने का सुझाव दिया था। जिसकी कुल दूरी 18 किमी है। सुझाव के अनुसार, मेट्रो श्याम नगर से चलकर एफसीआई, गोरखनाथ मंदिर , गोरखपुर रेलवे स्टेशन, गोरखपुर बस स्टेशन, एयरपोर्ट, मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी होते हुए सूबा बाजार तक जाएगी। दूसरा कॉरीडोर ट्रांसपोर्ट नगर से जक्शन इंक्लेव तक बनाया जाना है जिसकी दूरी 14.5 किमी है। यह कॉरीडोर परतावल मार्ग से शुरू होगा जो बीआरडी मेडिकल कालेज, कचहरी बस स्टैंड होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर तक जाएगा। प्रत्येक एक किमी पर मेट्रो का ठहराव होगा। ऐसे में 30 स्टेशन बनाया जाएगा।
प्राथमिक सर्वे के आधार पर 15 किमी अंडर ग्राउंड और 15 किमी ऊपर से मेट्रो संचालित होने की संभावना है। मेट्रो की अनुमानित लागत करीब 12 हजार करोड़ आएगी। एक किमी अंडर ग्राउंड मेट्रो में 550 करोड़ और ऊपर से मेट्रो दौड़ाने में 225 से 250 करोड़ रुपये की लागत आती है।