2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

देश की 27 सर्वश्रेष्ठ प्रशासनिक कार्यप्रणालियों में यूपी के तीन जिले शामिल, गोरखपुर को भी मिली राष्ट्रीय पहचान

Gorakhpur news: गोरखपुर ने अपनी उपस्थिति राष्ट्रीय फलक पर दर्ज कराई है। यहां महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों ने बायोफ्लॉक तकनीक से शुरू की वैज्ञानिक मत्स्यपालन की पहल, मिर्जापुर और बहराइच के मॉडल भी चयनित
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

गोरखपुर

•

image

anoop shukla

•

Updated: 2 Nov 2026, 6:36 PM IST

Up news, gorakhpur

सीएम योगी आदित्यनाथ (सोर्स: सोशल मीडिया)

Gorakhpur Excel Nationaly In Administrative Practises: उत्तर प्रदेश के तीन जिलों गोरखपुर, मिर्जापुर और बहराइच ने प्रशासनिक नवाचार और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय ने इन जिलों की तीन अभिनव पहलों को देश की 27 सर्वश्रेष्ठ प्रशासनिक कार्यप्रणालियों में शामिल किया है। इन पहलों में सामुदायिक सहभागिता, तकनीकी नवाचार और महिला सशक्तीकरण की झलक देखने को मिली है।

गोरखपुर जिले के खजनी ब्लॉक की छताई ग्राम पंचायत में महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों ने बायोफ्लॉक तकनीक के जरिए वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन शुरू किया है। यहां जलपरी प्रेरणा महिला मत्स्य उत्पादक समूह की ओर से पांच बायोफ्लॉक यूनिट स्थापित की गई हैं। इस तकनीक से कम जगह में नियंत्रित वातावरण में मछली पालन संभव हो रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आय बढ़ाने के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

वहीं, मिर्जापुर जिले के छानवे ब्लॉक में महिलाओं की ओर से संचालित छंवर एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को भी राष्ट्रीय स्तर पर चुना गया है। वर्ष 2022-23 में स्थापित इस संस्था से 1,221 महिला शेयरधारक जुड़ी हैं। संस्था कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री, जैव उर्वरक उत्पादन और कृषि उपकरणों की उपलब्धता जैसे कार्य कर रही है। संस्था ने सामूहिक प्रयास से 25 मीट्रिक टन गेहूं की आपूर्ति भी की है।

बहराइच जिले के मिहींपुरवा ब्लॉक की घुमना भरू ग्राम पंचायत में सामुदायिक सौर ऊर्जा आधारित मॉडल विकसित किया गया है। यहां 43 किलोवाट क्षमता का सोलर माइक्रोग्रिड स्थापित है। इसके माध्यम से करीब 200 परिवारों की 100 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई के लिए 10 सोलर पंप संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा ई-रिक्शा, ई-स्कूटर और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इन तीनों पहलों का चयन ग्रामीण विकास, आजीविका संवर्धन और महिला सशक्तीकरण के प्रभावी मॉडल के रूप में किया गया है। उपलब्धियों का आकलन करने और जमीनी स्तर पर सत्यापन के लिए केंद्र सरकार की टीम ने तीनों जिलों का दौरा भी किया। यह प्रक्रिया कैबिनेट सचिवालय ने राष्ट्रीय सुशासन केंद्र के सहयोग से पूरी की।

इन मॉडलों के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने यह दिखाया है कि स्थानीय संसाधनों, आधुनिक तकनीक और सामुदायिक भागीदारी के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

बड़ी खबरें

View All

गोरखपुर

उत्तर प्रदेश