
मुख्यमंत्री के जिले में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। सरकारी बाबू खुलकर धनादोहन कर रहे हैं। मंगलवार को एंटी करप्शन विभाग ने आरटीओ में छह प्राइवेट लोगों को हिरासत में लिया है। इनपर आरोप है कि विभाग के कुछ लोगों की शह पर अवैध वसूली करते हैं और यहां विभिन्न काम कराने आने वालों से धनादोहन करते हैं।
कैंट थाने में पुलिस और एंटी करप्शन के लोग इनसे पूछताछ कर रहे हैं।
पिछले काफी दिनों से आरटीओ में जिम्मेदारों द्वारा प्राइवेट लोगों को रखकर डीएल बनवाने, रिनीवल करवाने, गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन, ट्रांसफर आदि काम में अवैध वसूली करवाने का मामला सामने आ रहा था। आरोप लग रहा था कि प्राइवेट लोग विभाग में सरकारी बाबूओं की तरह काम करते हैं और सुविधा शुल्क वसूलते हैं।
विभागीय भ्रष्टाचार की शिकायत डीएम के.विजयेंद्र पांडियान तक पहुंची थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने एंटी करप्शन को इस बाबत कार्रवाई का निर्देश दिया था।
कार्रवाई करते हुए एंटीकरप्शन के प्रभारी निरीक्षक जेपी पांडेय ने अपनी टीम के साथ छापामारी की। वहां जांच करने पर आफिस के विभिन्न सेक्शन में करीब आधा दर्जन प्राइवेट लोग काम करते हुए मिले। एंटी करप्शन टीम ने छह लोगों शेष पाल, कुन्नू, राकेश गौड़, धीरेंद्र चैधरी, अवधेश, वेद प्रकाश को हिरासत में लेकर थाने लायी है। इन लोगों से पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि इनके पास से विभागीय फाइलें भी मिली हैं।
अभी कुछ दिन एंटी करप्शन की टीम ने राजस्व विभाग में कार्रवाई करते हुए घूस लेते एक राजस्वकर्मी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके अलावा दुकानदारों से अवैध वसूली के आरोप में श्रम विभाग के एक बाबू को एंटी करप्शन टीम ने पांच हजार रुपये नकद लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। एंटी करप्शन ने यह कार्रवाई डीएम आवास के पास आरटीओ रोड स्थित एक पान की दुकान पर किया था।