यूपी पुलिस भर्ती के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में दो जनवरी को गोरखपुर केंद्र पर बिहार के भोजपुर के एक अभ्यर्थी का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। पुलिस ने उससे पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
गोरखपुर केंद्र पर चल रहे UP आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती परीक्षा 2023 के डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन के दौरान 2 जनवरी को बिहार का एक अभ्यर्थी फर्जीवाड़ा करते पकड़ा गया है। इसने पुलिस में भर्ती के लिए अपनी उम्र 12 साल कम कर ली थी। इसके साक्ष्य में उसने ड्राइविंग लाइसेंस व वोटर आई कार्ड प्रस्तुत किया था। लेकिन जब आधार कार्ड से ई वेरीफिकेशन किया गया तो उसकी असली उम्र का पता चला। उसके विरुद्ध कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
बता दें कि गोरखपुर में 26 दिसंबर से डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन का काम चल रहा है। प्रतिदिन लगभग 225 अभ्यर्थियों की जांच की जा रही है। वेरिफिकेशन के दौरान ही शारीरिक माप भी की जा रही है। सारी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में चल रही है।डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन के दौरान बिहार के भोजपुर जिले के हरदिया बहरुआ निवासी कुश कुमार पुत्र विंध्याचल ने अपना ड्राइविंग लाइसेंस व वोटर आई कार्ड प्रस्तुत किया। दोनों डाक्यूमेंट पर जन्म की तिथ 23 मार्च 2005 अंकित थी। इसके अनुसार उसकी उम्र लगभग 19 साल थी।
डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन के दौरान उसका आधार कार्ड मांगा गया। जब ई वेरीफिकेशन किया गया तो उसकी जन्मतिथि 20 फरवरी 1993 निकली। इसके मुताबिक उसकी उम्र लगभग 31 साल थी और पुलिस भर्ती के लिए निर्धारित आयु सीमा को वह पार कर गया था।जन्मतिथि में अंतर मिलने पर उसे पकड़कर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसने अपनी गलती स्वीकार कर ली। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन के दौरान 2 जनवरी को एक अभ्यर्थी कूटरचित दस्तावेज के साथ पकड़ा गया है। पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल किया है। कैंट थाने में केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया।