
गोरखपुर में बुधवार को भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के जरिए पार्टी अपनी ताकत दिखा रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन पहली बार गोरखपुर पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ कार्यक्रम में शामिल हैं। गोरक्ष क्षेत्र के 12 जिलों से हजारों कार्यकर्ता और पदाधिकारी जनसभा में पहुंचे हैं। महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में जनसभा के बाद दो किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली जाएगी। इसमें प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सहयोगी दलों के प्रमुख भी शामिल हो रहे हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करीब 12:10 बजे दिल्ली से गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इसके बाद उनका काफिला सर्किट हाउस पहुंचा। वहां से वह महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में आयोजित जनसभा में शामिल होने पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का यह पहला गोरखपुर दौरा है। पार्टी के लिए इस दौरे को संगठन और आगामी चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में आयोजित जनसभा के मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद हैं। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी और राष्ट्रीय मंत्री प्रदीप वर्मा शामिल हुए हैं। सहयोगी दलों की ओर से निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद, सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल भी कार्यक्रम में मौजूद हैं।
जनसभा के बाद यहीं से पदयात्रा शुरू होगी। यह करीब दो किलोमीटर का सफर तय कर गोलघर स्थित काली मंदिर के पास सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा तक पहुंचेगी। इसमें एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का अनुमान जताया गया है।
गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत को लेकर कहा कि हम अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष का इस भूमि पर स्वागत करेंगे। आप देखें पूरी जनता पूरे क्षेत्र से आई हुई है और उनका स्वागत होगा। इससे पूरे देश में मैसेज जाएगा कि हमारी पार्टी में लोगों का विश्वास है, जनता का विश्वास है। निश्चित अगली सरकार भी योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बननी तय है।
भाजपा इस अभियान के जरिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का समर्थन कर रही है। विपक्ष इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, जबकि भाजपा का कहना है कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को सही करना और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करना है।
दूसरी वजह वोट चोरी के आरोप हैं। राहुल गांधी और विपक्षी दल चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगा रहे हैं। भाजपा इन आरोपों को भ्रामक बताकर जनता के सामने अपना पक्ष रखना चाहती है।
तीसरी वजह चुनाव आयोग का बचाव करना है। भाजपा का कहना है कि संवैधानिक संस्था पर बिना आधार आरोप लगाने से उसकी विश्वसनीयता कमजोर होती है। चौथी वजह कांग्रेस और विपक्ष को घेरना है। पार्टी विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगा रही है।