कबीर के बहाने पीएम मोदी जून में पूरे देश को संदेश देंगे।
बीजेपी के मिशन 2019 की स्ट्रेटजी में कबीर भी तारणहार होंगे। कबीर के बहाने पीएम मोदी जून में पूरे देश को संदेश देंगे। यह संदेश कबीर के विचारों का होगा। कबीर के बहाने पीएम मोदी सर्वसमाज को साधने का काम करेंगे। पीएम मोदी की मगहर यात्रा के पहले कबीरस्थली को इंटरनेशनल टूरिज्म मैप पर लाने के लिए काम शुरू किया जा चुका है।
महान संत कबीर के 500वें महानिर्वाण साल को 2018 में मनाया जा रहा है। संतकबीर की कर्मस्थली मगहर को हेेरिटेज सर्किट से जोड़ा जा रहा है। विदेशी टूरिस्टों को आकर्षित करने के लिए इसके विकास की विशेष कार्ययोजना भी बनाई गई है। केंद्र और प्रदेश सरकार के सहयोग से मगहर को इंटरनेशनल टूरिस्टों के लिए विकसित किया जा रहा।
चूंकि, 2019 में लोकसभा चुनाव होने हैं। मगहर यूपी का एक प्रमुख केंद्र है। प्रधानमंत्री 28 जून को संतकबीर महोत्सव के सात दिवसीय समापन कार्यक्रम में शिरकत कर पूरे देश को सर्वधर्म समभाव का संदेश देंगे।
बुनकर और दलित-पिछड़ों को साधने की कोशिश
कबीर के अनुयायियों में बुनकर समाज के अलावा दलित और पिछड़ा समाज भी है। यूपी ही नहीं पूरे देश में कबीर के हजारों-लाखों अनुयायी हैं। मिशन 2019 के लिए कबीर बीजेपी के लिए मुफीद साबित हो सकते हैं। पीएम कबीर स्थली पहुंच कर सीधे तौर पर कबीर से जुड़े लोगों को साधने की कोशिश करेंगे। अकेले यूपी को ही लें तो आधा दर्जन से अधिक लोकसभा सीटों पर बुनकर समाज का प्रभावकारी वोटबैंक है।
मगहर में सात दिवसीय कार्यक्रम का होगा आयोजन
कबीर स्थली पर जून में सात दिवसीय कार्यक्रम आयोजन का प्रस्ताव है। 23 जून से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में 28 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम है। वह मगहर में टूरिस्ट सर्किट से जोड़ने के लिए शुरू की गई विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पणध्शिलान्यास करेंगे साथ ही कई परियोजनाओं की सौगात भी देंगे।
मगहर में केंद्र सरकार ने शुरू की हैं 20 परियोजनाएं
प्रदर्शनी क्षेत्र, प्रदर्शनी गलियारा, व्याख्यान केंद्र, म्यूजिकल फाऊन्टेन, घाटों का विकास, पार्क का विकास, साऊंड एवं लाइट शो, नौकायन क्षेत्र, कैफेटेरिया (हर 100 वर्गमीटर पर दो), सोलर लाइट, रंगीन रोशनी, चहारदीवारी, स्मारकों की रोशनी, हाईमास्ट लाइट, बोटिंग सुरक्षा के उपकरण, गजेबास, बेंच, 12 किलोमीटर लंबी सड़क जिसकी चैड़ाई पांच मीटर होगी। भारत दर्शन योजना के अंतर्गत इन सबके लिए 24 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। भारत सरकार की कार्यदायी संस्था डब्ल्यूएपीसीओएस काम करा रही है